



जयपुर। बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने स्थानीय क्षेत्र विकास फंड यानी विधायक कोष से जुड़ी कथित गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस रवि चिरानिया की अदालत ने आज फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक को राहत देने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने 25 जून को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले ईडी मामलों की विशेष अदालत ने भी 25 अप्रैल को बलजीत यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उनकी ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी।
बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने 3 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उन पर स्थानीय क्षेत्र विकास फंड से 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के दुरुपयोग और गबन के आरोप हैं। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।
मामले में पहले एसीबी ने 12 दिसंबर 2024 को बलजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने अभियोजन शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।
बहस के दौरान ईडी की ओर से अदालत में कहा गया कि जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। ईडी के अनुसार, जिन फर्मों को काम के ठेके दिए गए, उनमें से कई फर्में वर्क ऑर्डर मिलने के बाद बनाई गई थीं या उनके जीएसटी पंजीकरण संदिग्ध और फर्जी पाए गए।
ईडी ने आरोप लगाया कि इन फर्मों के माध्यम से सरकारी धनराशि बलजीत यादव के सहयोगियों और रिश्तेदारों तक पहुंचाई गई। जांच एजेंसी का दावा है कि कथित गबन की राशि का उपयोग संपत्तियां खरीदने और राजनीतिक खर्चों में किया गया।
ईडी ने अदालत में कहा कि बलजीत यादव ने कथित गबन की 2.78 करोड़ रुपए की राशि से संपत्तियों की खरीद की और राजनीतिक गतिविधियों में खर्च किया। जांच एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और इसमें सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोप हैं।
ईडी ने यह भी तर्क दिया कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो जांच और साक्ष्यों पर प्रभाव पड़ने की आशंका हो सकती है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।
ईडी मामलों की विशेष अदालत ने 25 अप्रैल को बलजीत यादव की जमानत याचिका खारिज की थी। इसके बाद पूर्व विधायक की ओर से हाईकोर्ट का रुख किया गया था। लेकिन अब हाईकोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली है।
फिलहाल बलजीत यादव को न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार करना होगा। मामले में ईडी की जांच और आरोपों से जुड़ी कार्यवाही आगे जारी रहेगी।