


सवाई माधोपुर। पुलिस की वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसके पीछे उन हजारों परिवारों का विश्वास और त्याग भी जुड़ा होता है, जो अपने प्रियजन को समाज की सुरक्षा के लिए समर्पित करते हैं। इसी मानवीय संवेदना को ध्यान में रखते हुए सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने पुलिस कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी की पहल पर सवाई माधोपुर जिला पुलिस में ‘अक्षय फंड’ की शुरुआत की जा रही है। इस फंड के माध्यम से किसी पुलिसकर्मी के आकस्मिक निधन पर उसके परिजनों को तत्काल ₹3 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि हाल ही में सवाई माधोपुर पुलिस लाइन में कार्यरत कांस्टेबल कुंजीलाल के आकस्मिक निधन ने पूरे पुलिस परिवार को भावुक कर दिया। इस घटना ने यह महसूस कराया कि ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक संबल देने के लिए एक स्थायी और व्यवस्थित व्यवस्था होनी चाहिए।
इसी संवेदनशील सोच से ‘अक्षय फंड’ की परिकल्पना की गई। यह पहल इस विश्वास को मजबूत करेगी कि किसी पुलिसकर्मी के साथ अप्रत्याशित घटना होने पर उसका परिवार अकेला नहीं रहेगा।
‘अक्षय फंड’ का गठन सवाई माधोपुर जिला पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के एक दिन के वेतन के स्वैच्छिक अंशदान से किया जाएगा। जिले में वर्तमान में करीब 1400 पुलिसकर्मी कार्यरत हैं और अनुमान है कि इस फंड में लगभग ₹16 लाख की राशि एकत्र हो सकती है।
यह अंशदान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि अपने साथी और उसके परिवार के प्रति अपनत्व, उत्तरदायित्व और एकजुटता का प्रतीक होगा।
इस फंड से किसी पुलिसकर्मी के आकस्मिक निधन पर उसके परिजनों को ₹3 लाख की सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। यह राशि शोकाकुल परिवार को कठिन समय में प्रारंभिक आर्थिक राहत देगी।
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी की यह पहल पुलिसकर्मियों में यह भरोसा भी जगाएगी कि कठिन परिस्थितियों में उनका पुलिस परिवार उनके परिजनों के साथ खड़ा रहेगा।
इस योजना की विशेषता इसकी आत्मनिर्भर कार्यप्रणाली है। फंड बनने के बाद जब तक राशि सहायता के रूप में उपयोग नहीं होती, तब तक कर्मचारियों के वेतन से दोबारा कटौती नहीं की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ही फिर से एक दिन के वेतन का स्वैच्छिक अंशदान लिया जाएगा।
इस व्यवस्था से योजना निरंतर चलती रहेगी और पुलिसकर्मियों पर अनावश्यक आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा।
‘अक्षय फंड’ केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है, बल्कि यह पुलिस संगठन में विश्वास, आत्मीयता और पारिवारिक भावना को मजबूत करने वाली पहल है। इससे पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन और अधिक निश्चिंत होकर कर सकेंगे।
इस पहल से यह संदेश जाएगा कि पुलिस विभाग अपने कर्मियों को केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य मानता है।
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी की यह पहल पुलिस महकमे में सराहनीय कदम मानी जा रही है। यह सवाई माधोपुर जिला पुलिस का कल्याणकारी प्रयास होने के साथ-साथ ऐसा मॉडल भी है, जिसे भविष्य में राजस्थान के अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है।
‘अक्षय फंड’ संवेदना, सहयोग और सामाजिक सुरक्षा का ऐसा संगम है, जो खाकी की मानवीय छवि को और मजबूत करता है। यह पहल बताती है कि पुलिस केवल कानून की संरक्षक नहीं, बल्कि अपने परिवार की संवेदनाओं की भी सच्ची प्रहरी है।