



बाड़मेर। बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पचपदरा रिफाइनरी में उद्घाटन से ठीक पहले आग लगने की घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस हादसे की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे लोगों को यह पता नहीं चल सका कि आग लगने का वास्तविक कारण क्या था।
सांसद बेनीवाल ने आरोप लगाया कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में आग लगना सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की कि जांच रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान और विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। ऐसे में रिफाइनरी परिसर में आग लगने जैसी घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि हादसा किन कारणों से हुआ और उसके बाद क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि यदि जांच रिपोर्ट तैयार हो चुकी है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। यदि रिपोर्ट अभी तक तैयार नहीं हुई है, तो सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि जांच में देरी क्यों हो रही है।
सांसद ने कहा कि आग लगने की घटना में यदि किसी अधिकारी, एजेंसी या निर्माण से जुड़े पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भविष्य में और बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
बेनीवाल ने कहा कि रिफाइनरी जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी, तकनीकी निगरानी और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
उम्मेदाराम बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 जुलाई के प्रस्तावित दौरे का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान केवल उद्घाटन और कार्यक्रमों तक बात सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पहले किए गए वादों और लंबित कार्यों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी से क्षेत्र के विकास, रोजगार, स्थानीय उद्योगों और आमजन को बड़ी उम्मीदें हैं। इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परियोजना से जुड़े वादे धरातल पर उतरें और स्थानीय लोगों को वास्तविक लाभ मिले।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक दिशा बदलने वाली परियोजना मानी जा रही है। ऐसे में इससे जुड़ी हर घटना, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आग की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय किए जाएं।