



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर सिविल सेवा परीक्षा-2025 और भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 में चयनित राजस्थान के निवासी अभ्यर्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों के परिजन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से उनकी तैयारी, संघर्ष, अनुभव और सफलता की यात्रा के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की मेहनत, अनुशासन और समर्पण प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अभ्यर्थियों से पूछा कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान किन चुनौतियों का सामना किया और सफलता के लिए किस तरह की रणनीति अपनाई। अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारी, समय प्रबंधन, अध्ययन पद्धति और परिवार के सहयोग से जुड़े अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए धैर्य, निरंतरता और सही दिशा में मेहनत बेहद जरूरी है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से आह्वान किया कि वे भविष्य में प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों के परिजनों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता में परिवार का त्याग, समर्थन और विश्वास बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवाओं ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने, शिक्षा और अवसरों को मजबूत करने तथा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि चयनित अभ्यर्थी प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन संवेदनशीलता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना से करेंगे।
इस अवसर पर ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हीरालाल नागर, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारीगण और अन्य विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित यह संवाद कार्यक्रम युवाओं की उपलब्धि का सम्मान करने के साथ-साथ प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। चयनित अभ्यर्थियों ने भी सरकार की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया।