



जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की ईमानदारी और निष्ठा का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा की ईमानदारी पर किसी प्रकार का संदेह नहीं किया जा सकता। कृषि विभाग में एसीबी की कार्रवाई के बाद मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर राठौड़ ने कहा कि उन पर कोई लांछन नहीं लगाया जा सकता।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ गुरुवार को दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा ने जीवन में संस्कार प्राप्त किए हैं और उनकी निष्ठा पर प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं है। राठौड़ ने कहा कि किसी भी जांच या कार्रवाई को लेकर तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए, लेकिन बिना आधार किसी की ईमानदारी पर सवाल उठाना सही नहीं है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि डोटासरा के परिजन ओबीसी आरक्षण का लाभ लेने के पात्र नहीं थे, तो सरकार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय में पात्रता और नियमों की पूर्ण जांच आवश्यक है।
राठौड़ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या परिवार को नियमों के विरुद्ध लाभ नहीं मिलना चाहिए। यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के आधार पर काम कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत राष्ट्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए अपने पक्ष की बातें करते हैं और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं में सच बोलने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल राजनीतिक आरोप लगाते हैं, लेकिन तथ्यों के आधार पर बात करने से बचते हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस आंतरिक असमंजस और नेतृत्व संकट से गुजर रही है, इसलिए उसके नेता बेबुनियाद आरोपों के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
कृषि विभाग में एसीबी की कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से इस मामले को लेकर सरकार और मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं भाजपा ने मंत्री की ईमानदारी का बचाव करते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है।
मदन राठौड़ के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। एक ओर भाजपा किरोड़ीलाल मीणा की निष्ठा और ईमानदारी पर भरोसा जता रही है, वहीं कांग्रेस इस मामले को सरकार की जवाबदेही से जोड़कर देख रही है।
फिलहाल कृषि विभाग में एसीबी की कार्रवाई और डोटासरा परिवार से जुड़े आरोपों पर राजनीतिक बहस जारी है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में जांच की जरूरत है, उनमें निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना प्रमाण किसी व्यक्ति की छवि खराब करना उचित नहीं है।