



जयपुर। जगतपुरा के महल रोड क्षेत्र में वीआईपी मूवमेंट के दौरान पुलिस कार्रवाई से ठेला संचालिका युवती के झुलसने के मामले को राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस घटना पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त जयपुर, जिला मजिस्ट्रेट जयपुर और डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जी.आर. मूलचंदानी ने बुधवार को प्रकाशित समाचार पर प्रसंज्ञान लेते हुए यह निर्देश दिए। खबर में रेशु गुप्ता नामक युवती के झुलसने का मामला सामने आया था। आरोप है कि वीआईपी काफिले के गुजरने के दौरान सड़क किनारे लगे ठेले हटवाए जा रहे थे, इसी दौरान ठेला पलटने और खौलते पानी के गिरने से युवती झुलस गई।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों से घटना की मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि यदि किसी लोक सेवक की जिम्मेदारी इस घटना में सामने आती है, तो उसके खिलाफ उचित विधिक कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराने की स्थिति क्या है।
आयोग ने पीड़िता रेशु गुप्ता को चिकित्सीय सुविधा और मुआवजा उपलब्ध कराए जाने को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मामले की आगामी सुनवाई 14 जुलाई को निर्धारित की गई है।
जानकारी के अनुसार 19 जून को मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने महल रोड पर सड़क किनारे लगे ठेला संचालकों को हटने के निर्देश दिए थे। इसी दौरान एक ठेले पर रखे मोमोज के गर्म पानी के फैलने से युवती झुलस गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे अतिक्रमण, ठेलों की अव्यवस्थित स्थिति और पुलिस कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए थे।
घटना के बाद नगर निगम और पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हुआ। महल रोड क्षेत्र में सड़क किनारे लगने वाले ठेलों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई। नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में अभियान चलाकर सड़क पर लगे ठेलों को हटवाया।
मंगलवार देर रात नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने महल रोड क्षेत्र में समझाइश अभियान भी चलाया। प्रशासन का कहना है कि सड़क पर अव्यवस्थित रूप से लगे ठेलों के कारण यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
हालांकि, ठेला संचालिका के झुलसने की घटना ने प्रशासनिक कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार आयोग ने अब इस मामले में पुलिस और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद आयोग आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।