Monday, 22 June 2026

भरतपुर में जाट आरक्षण हुंकार सभा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो बेनीवाल बोले—केंद्र में आरक्षण दिलाकर रहेंगे


भरतपुर में जाट आरक्षण हुंकार सभा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो बेनीवाल बोले—केंद्र में आरक्षण दिलाकर रहेंगे

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भरतपुर। भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को भरतपुर के नुमाइश मैदान में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से हुंकार सभा आयोजित की गई। सभा में राजस्थान के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग पहुंचे। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाटों को केंद्र में आरक्षण दिलाकर ही रहेंगे।

हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जाट समाज के स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई में वे हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर जाट समाज के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। बेनीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार में कोई भी जाट नेता कैबिनेट मंत्री नहीं है और जिले के किसी भी जाट विधायक को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।

बेनीवाल ने कहा कि वे केवल जाट समाज की ही नहीं, बल्कि सर्वसमाज की न्यायसंगत लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी वर्ग या समाज के साथ अन्याय होगा, वहां वे आवाज उठाएंगे। उन्होंने आरक्षण आंदोलन को सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई बताते हुए कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण का लाभ नहीं मिल जाता।

सभा के दौरान हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और भजनलाल सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता सरकार के कामकाज से निराश है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर दिखाई देगा। बेनीवाल ने कहा कि देश को आज एक और जेपी आंदोलन जैसी व्यापक जनचेतना की आवश्यकता है।

सभा के दौरान एक रोचक घटनाक्रम भी देखने को मिला। जब हनुमान बेनीवाल ने भाजपा सरकार के खिलाफ बोलते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नाम लिया, तो नदबई विधायक जगत सिंह उठे और बेनीवाल को हाथ के इशारे से रोकने का प्रयास किया। इसके बाद बेनीवाल ने भी इशारे से उनकी बात को स्वीकार करते हुए अपनी बात बदल दी।

इसी दौरान विधायक जगत सिंह और डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेष सिंह ने कहा कि वे राज्य सरकार के खिलाफ अपने सामने कोई बात नहीं सुनेंगे। इसके बाद दोनों विधायक सभा छोड़कर चले गए। इस पर हनुमान बेनीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि शायद दोनों विधायक आरक्षण की पर्ची लेने गए हैं।

सभा में विधायक जगत सिंह ने कहा कि आरक्षण को लेकर उनके मन में बहुत टीस है। उन्होंने कहा कि वे समाज के साथ इस मुद्दे पर हमेशा खड़े रहे हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। वहीं डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेष सिंह ने कहा कि पूर्व में भी आरक्षण के मुद्दे को केंद्र सरकार तक उठाया गया था। उन्होंने कहा कि यदि प्रक्रिया में कोई खामियां रही हैं तो उन्हें राज्य सरकार के माध्यम से फिर केंद्र सरकार के सामने रखा जाएगा।

सांसद संजना जाटव ने भी सभा में आरक्षण मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने का प्रयास किया, तो उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों से जुड़े इस विषय को संसद से लेकर सड़क तक उठाया जाना चाहिए।

जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नैमसिंह फौजदार ने कहा कि आरक्षण मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने समाज से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाट समाज को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।

राजनीतिक दृष्टि से भी इस सभा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हनुमान बेनीवाल पिछले कुछ समय से भरतपुर क्षेत्र में जाट वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रहे हैं। भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाट समाज में केंद्र में आरक्षण नहीं मिलने को लेकर लंबे समय से नाराजगी है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा के प्रति असंतोष भी चर्चा में है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरक्षण का मुद्दा केंद्र सरकार के स्तर से जुड़ा होने के कारण भाजपा पर दबाव बढ़ सकता है। केंद्र में भाजपा की सरकार है और स्थानीय जाट नेतृत्व को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने को भी समाज के एक वर्ग में नाराजगी का कारण माना जा रहा है।

भरतपुर की यह हुंकार सभा जाट आरक्षण आंदोलन को फिर से राजनीतिक केंद्र में लाने वाली मानी जा रही है। सभा में समाज के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि भरतपुर, धौलपुर और डीग में आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक रूप से और अधिक प्रभावी हो सकता है।

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