Saturday, 20 June 2026

जयपुर में एक महीने से डिपो में खड़ी 29 इलेक्ट्रिक बसें, उद्घाटन के इंतजार में यात्रियों को नहीं मिल रही राहत


जयपुर में एक महीने से डिपो में खड़ी 29 इलेक्ट्रिक बसें, उद्घाटन के इंतजार में यात्रियों को नहीं मिल रही राहत

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जयपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। एक ओर शहर में बसों की कमी के कारण यात्रियों को लंबे इंतजार और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आगरा रोड स्थित बगराना डिपो में एक महीने पहले पहुंची 29 इलेक्ट्रिक बसें अधिकारियों की सुस्ती के कारण खड़ी-खड़ी धूल फांक रही हैं। 

खास बात यह है कि बगराना डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार हो चुका है और 29 में से 19 बसों का रजिस्ट्रेशन भी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद इन बसों का संचालन शुरू नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बसों को विधिवत उद्घाटन के बाद ही रूट पर उतारा जाएगा, लेकिन उद्घाटन कब होगा, इसको लेकर अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है और न ही कोई ठोस कार्ययोजना सामने आई है।

शुरुआती चरण में बगराना डिपो से 75 इलेक्ट्रिक बसों का शहर के 9 रूटों पर संचालन प्रस्तावित है। इनमें से 29 बसें डिपो पहुंच चुकी हैं। यदि इन बसों का समय पर संचालन शुरू कर दिया जाता, तो 9 में से कम से कम 6 रूटों पर यात्रियों को राहत मिल सकती थी। शहर में पहले से ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था दबाव में है और बसों की कमी के कारण यात्रियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में तैयार बसों को केवल उद्घाटन के इंतजार में खड़ा रखना व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि वर्तमान में शहर में करीब 180 बसों का संचालन हो रहा है, जिनमें से 80 बसें 9 महीने पहले ही कबाड़ घोषित की जा चुकी हैं। इसके बावजूद ये बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं और यात्रियों को मजबूरी में इन्हीं बसों में सफर करना पड़ रहा है। मेंटेनेंस की खराब स्थिति के कारण रोजाना करीब 20 बसें बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं। इससे यात्रियों को न केवल देरी का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार उन्हें बीच रास्ते में दूसरी बस या अन्य साधन तलाशने पड़ते हैं।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में देरी से शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दोहरा असर पड़ रहा है। एक तरफ कबाड़ घोषित और खराब स्थिति वाली बसों पर निर्भरता बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ नई बसों का लाभ यात्रियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। यदि बगराना डिपो से इन बसों का संचालन जल्द शुरू किया जाता है, तो कई प्रमुख रूटों पर यात्रियों को राहत मिल सकती है और शहर में प्रदूषण कम करने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। फिलहाल अधिकारियों की देरी और उद्घाटन की प्रतीक्षा ने यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।

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