Saturday, 20 June 2026

राज उन्नति बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सख्ती, कचरे के ढेर, जाम नालियों और निविदाओं में देरी पर जताई नाराजगी


राज उन्नति बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सख्ती, कचरे के ढेर, जाम नालियों और निविदाओं में देरी पर जताई नाराजगी

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के नगरीय निकायों में सफाई व्यवस्था, पुराने कचरे के निस्तारण, जाम नालियों, सीवर व्यवस्था, पट्टा अभियानों में फर्जीवाड़े और निविदा प्रक्रिया में देरी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज उन्नति की छठी बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि पानी, बिजली, चिकित्सा, सड़क और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में प्रशासनिक शिथिलता के कारण देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं और विकास परियोजनाओं का लाभ आमजन तक निरंतर पहुंचना चाहिए। यदि निविदा प्रक्रिया या किसी अन्य कारण से काम अटकता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के करीब आधे नगरीय निकायों में डंपिंग साइट पर पुराने कचरे के ढेर जमा हैं। उन्होंने 152 नगरीय निकायों में डंपिंग साइट पर पड़े पुराने कचरे के निस्तारण का कार्य अतिशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने कचरे के ढेरों के निस्तारण की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए, ताकि आमजन को कचरे की समस्या से राहत मिल सके। साथ ही जिन भूमि पर कचरा जमा है, वहां भविष्य में प्रसंस्करण प्लांट लगाने की कार्ययोजना को भी आगे बढ़ाया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने मानसून को देखते हुए जिला कलेक्टरों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश से पहले नालों की साफ-सफाई और सड़कों के पैचवर्क संबंधी कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इसके साथ ही मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन पहले से तैयारी रखें। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को बड़ी परियोजनाओं की मासिक समीक्षा करने और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की खरीद तथा उपलब्धता के संबंध में कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में जयपुर और भीलवाड़ा को मिली इलेक्ट्रिक बसों की जानकारी भी ली। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत जयपुर में 29 और भीलवाड़ा में 18 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध हो चुकी हैं। उन्होंने शेष बसों की उपलब्धता और संचालन से जुड़ी प्रक्रिया को भी गति देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दूदू-सांभर-भाटीपुरा सड़क निर्माण के कार्यादेश जारी होने, जयपुर में इमली फाटक के दोनों ओर सहकार मार्ग की दिशा में स्लिप लेन निर्माण और सड़क चौड़ाईकरण का काम शुरू होने की जानकारी भी बैठक में रखी गई। मुख्यमंत्री ने भरतपुर में नवीन बस स्टैंड के निर्माण की कार्ययोजना को भी तेज करने के निर्देश दिए।

सांगानेर में सीईटीपी के पंपिंग स्टेशन और पाइपलाइन के काम में देरी पर मुख्यमंत्री ने विशेष नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर स्थिति का मुआयना करें और काम को शीघ्र पूरा करवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं में स्वीकृतियां, भूमि अधिग्रहण, निविदा प्रक्रिया और कार्यादेश जारी करने में अक्सर लंबा समय लग जाता है। ऐसे में इन प्रक्रियाओं को स्ट्रीमलाइन किया जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी कम हो सके। उन्होंने मुख्य सचिव को इस दिशा में आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय में स्थानाभाव को देखते हुए जयपुर के लालकोठी में प्रस्तावित कर्मयोगी भवन की स्थापना संबंधी कार्ययोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने आरएसआरडीसी को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण से विभिन्न आयुक्तालयों और आयोगों के कार्मिकों को सुविधायुक्त कार्यस्थल मिलेगा, जिससे उनकी कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में देरी और लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

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