



अजमेर नगर निगम के पूर्व उप महापौर और भाजपा नेता नीरज जैन को प्रदेश प्रवक्ता पद से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब के रेस्टोरेंट में अपने कुछ साथियों के साथ हुई आपसी बातचीत की रिकॉर्डिंग पार्टी नेतृत्व तक पहुंचने के बाद संगठन ने यह कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के भीतर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार नीरज जैन अपने कुछ परिचितों के साथ चाय पर अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कथित रूप से पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे संगठन ने गंभीरता से लिया। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने इसकी रिकॉर्डिंग कर ली और बाद में वह रिकॉर्डिंग पार्टी अध्यक्ष तक पहुंचा दी गई। इसके बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए नीरज जैन को प्रदेश प्रवक्ता पद से हटा दिया गया।
नीरज जैन इससे पहले उस समय सुर्खियों में आए थे, जब नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके साथ नीरज जैन की तस्वीरें चर्चा में आई थीं। ये तस्वीरें सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर की पोती के विवाह समारोह की बताई गई थीं। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि नीरज जैन ने भारतीय जनता युवा मोर्चा में नितिन नबीन के साथ काम किया था और इसी कारण उनके उनसे नजदीकी संबंध माने जाते थे।
इसके अलावा नीरज जैन को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भी निकट माना जाता रहा है। उनके समर्थकों और राजनीतिक जानकारों के बीच यह चर्चा थी कि भविष्य में उन्हें संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि इस पूरे प्रकरण के बाद फिलहाल उनका मौजूदा पद भी चला गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठनात्मक राजनीति में व्यक्तिगत संबंधों के साथ-साथ अनुशासन, भाषा पर नियंत्रण और भरोसेमंद संवाद की भी बड़ी भूमिका होती है। नीरज जैन के मामले को इसी दृष्टि से देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा संगठन इस कार्रवाई को यहीं तक सीमित रखता है या आगे उनके खिलाफ कोई और कदम भी उठाया जाता है।