



जयपुर। राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने और विदेशी नागरिकों की आवाजाही को नियंत्रित और सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025’ में संशोधन करते हुए राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में प्रोटेक्टेड एरिया की सूची को अपडेट किया है। 18 जून 2026 को जारी गैजेट नोटिफिकेशन के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में विदेशियों के यात्रा और ठहरने को लेकर नई गाइडलाइन लागू हो गई है।
इस संशोधन की खास बात यह है कि इसमें पहली बार स्पष्ट रूप से ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी OCI कार्डधारकों को भी नियमों के दायरे में शामिल किया है। इसका अर्थ है कि भारतीय मूल के वे विदेशी नागरिक जिनके पास OCI कार्ड है, उन्हें भी राजस्थान के चयनित सीमावर्ती क्षेत्रों में जाने, ठहरने या घूमने के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करना होगा।
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 6 जिलों को इस नए आदेश के तहत शामिल किया गया है। इनमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, फलोदी और जालोर जिले शामिल हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित शेड्यूल के अनुसार इन जिलों की कई तहसीलों और गांवों को प्रोटेक्टेड एरिया घोषित किया गया है।
नए नियमों के अनुसार इन जिलों के वे हिस्से, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित हैं, वहां किसी भी विदेशी नागरिक को बिना विशेष अनुमति या सरकारी परमिट के यात्रा करने, रुकने या घूमने की अनुमति नहीं होगी। यह व्यवस्था सीमावर्ती इलाकों में निगरानी को प्रभावी बनाने और सुरक्षा एजेंसियों के काम को आसान करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
केंद्र सरकार का यह कदम सीमा क्षेत्रों में अवांछित गतिविधियों पर नियंत्रण, विदेशी नागरिकों की आवाजाही की बेहतर निगरानी और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित जिलों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां विदेशी नागरिकों की यात्रा, ठहराव और गतिविधियों पर निर्धारित नियमों के अनुसार निगरानी रखेंगी।