



राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान वे एक मशहूर चाय वाले के यहां रुके और वहां पुदीने वाली चाय बनाने का अभ्यास किया। उन्होंने अपने साथियों को कुल्हड़ में चाय सर्व भी की। सतीश पूनिया का यह अंदाज लोगों को खासा पसंद आया और उन्होंने इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया।
वीडियो के साथ सतीश पूनिया ने चाय को लेकर एक भावनात्मक संदेश भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि चाय के लिए किसी को मना नहीं करना चाहिए, क्योंकि चाय के साथ व्यक्ति केवल समय ही नहीं बांटता, बल्कि अपनी खुशी, गम, परेशानी और मन का बोझ भी साझा करता है। उन्होंने लिखा कि अगली बार कोई चाय पीने के लिए कहे तो मना नहीं करना चाहिए, क्या पता वह खुद को आपसे बांटना चाहता हो।
सतीश पूनिया के इस संदेश को सोशल मीडिया पर लोगों ने पसंद किया। चाय को लेकर उन्होंने सहज और आत्मीय अंदाज में अपनी बात रखी। आम बोलचाल में चाय को लोगों से जुड़ने और संवाद का माध्यम माना जाता है। इसी भाव को पूनिया ने अपने संदेश के जरिए व्यक्त किया।
इसके बाद उदयपुर पहुंचने पर सतीश पूनिया ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कहा, “मेरे प्रभु इतनी ऊंचाई कभी मत देना, गैरों को गले न लगा सकूं ऐसी रुखाई कभी मत देना।” उनके इस बयान को कार्यकर्ताओं ने आत्मीयता और सादगी से जुड़ा संदेश बताया।