


भरतपुर, धौलपुर और नवगठित डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण दिलाने की मांग एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। इस मुद्दे पर पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आरक्षण समाज का अधिकार है और इसे हर हाल में हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भरतपुर, धौलपुर और डीग का समाज अपनी लड़ाई लड़ने में पूरी तरह सक्षम है और फिलहाल इस आंदोलन के लिए बाहर से किसी नेतृत्व या सहयोग की आवश्यकता नहीं है।
विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि भरतपुर की धरती वीरों की भूमि रही है। यहां के लोगों ने इतिहास में कई बड़ी लड़ाइयां लड़ी हैं और विजय प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि समाज का मान-सम्मान और स्वाभिमान आज भी जीवित है। राज्य और केंद्र सरकार के स्तर पर आरक्षण की लड़ाई लड़ने के लिए भरतपुर, धौलपुर और डीग के लोग पूरी तरह सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि अभी ऐसी स्थिति नहीं बनी है कि इस आंदोलन के लिए बाहरी लोगों को बुलाने की आवश्यकता पड़े। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर सभी राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और अन्य जिलों व राज्यों के समाज का सहयोग लिया जाएगा। उनका कहना था कि यह आंदोलन समाज के अधिकार और सम्मान से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे विचार-विमर्श और सामूहिक निर्णय के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
विश्वेंद्र सिंह ने समाज के बुजुर्गों, युवाओं और प्रबुद्धजनों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भरतपुर का इतिहास गवाह है कि जब भी किसी बड़े आंदोलन का निर्णय लिया गया, वह सर्वसमाज की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही लिया गया। इस बार भी कोई भी बड़ा फैसला समाज के बुजुर्गों, युवाओं और जिम्मेदार लोगों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण के मामले में कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया को भी मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है। भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाटों को केंद्र में आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार पहले ही केंद्र सरकार को सिफारिश भेज चुकी है। अब इस विषय पर संसद में आवश्यक कानून पारित होना बाकी है। उन्होंने कहा कि समाज अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।