



जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीम सीएसटी ने बुधवार देर रात अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। खो-नागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद पुलिस ने जयपुर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाते हुए 10 से ज्यादा गोदामों और फैक्ट्रियों पर दबिश दी। इस दौरान बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखे बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान एक गोदाम को सील भी किया गया।
जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 10 बजे से देर रात 1 बजे तक सीएसटी टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। जमवारामगढ़ रोड स्थित बड़ी का बास क्षेत्र में नाई की थड़ी से सुमेल रोड जाने वाले मार्ग पर एक लाइसेंसधारी गोदाम में तय सीमा से अधिक विस्फोटक सामग्री मिली। गोदाम के पास 600 किलो भंडारण की अनुमति थी, जबकि मौके पर 1000 किलो से ज्यादा बारूद और पटाखे बरामद किए गए। यह सामग्री करीब 300 से अधिक कार्टन में रखी हुई थी।
सीएसटी टीम ने मौके पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे से सामग्री का वजन करवाया और इसके बाद गोदाम को सील कर दिया। बताया जा रहा है कि यह गोदाम किराए पर लिया गया था और दो दुकानों में संचालित किया जा रहा था। मौके पर कुल 18 दुकानें बनी हुई थीं, जिनमें से दो दुकानों में भारी मात्रा में बारूद और पटाखे स्टोर किए गए थे।
इसी क्षेत्र में एलएन मित्तल कॉलेज से करीब 300 मीटर पहले सुमेल रोड पर पूर्णिमा नाम से संचालित दो गोदाम भी मिले। गोदाम संचालक अनिल अग्रवाल ने 1500-1500 किलो भंडारण के लाइसेंस होने का दावा किया। हालांकि कॉलेज से दूरी को लेकर भी सवाल उठे। संचालक का कहना था कि गोदाम कॉलेज से डेढ़ किलोमीटर दूर है, जबकि मौके पर इसकी दूरी करीब 300 मीटर बताई जा रही है।
गोदाम संचालक ने कहा कि खो-नागोरियान में जहां हादसा हुआ था, वे फैक्ट्री संचालक थे, जबकि उनके यहां केवल पटाखों का स्टॉक रखा जाता है और बिक्री की जाती है। संचालक के अनुसार गोदाम में फिलहाल 600 से 700 किलो पटाखे रखे हुए थे। वहीं पुलिस टीम ने मौके पर स्टॉक की जांच की और तय सीमा से अधिक सामग्री मिलने की बात सामने आने पर कार्रवाई की। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध और अनियमित पटाखा भंडारण करने वालों में हड़कंप मच गया है।