



जोधपुर। जोधपुर एयरपोर्ट का नया अत्याधुनिक टर्मिनल भवन बनकर तैयार हो गया है और अब इसे शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा मंजूरी का इंतजार है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की टीम बुधवार से दो दिवसीय निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, परिचालन तैयारियों और यात्री सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके बाद बीसीएएस अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगा, जिस पर अगले सप्ताह अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बीसीएएस से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार और एयरपोर्ट प्राधिकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नए टर्मिनल के उद्घाटन का अनुरोध करेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री चार जुलाई को पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। यदि कार्यक्रम को अंतिम स्वीकृति मिलती है तो प्रधानमंत्री पहले जोधपुर पहुंचकर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और इसके बाद हेलीकॉप्टर से बाड़मेर जिले के पचपदरा रवाना होंगे। फिलहाल जोधपुर में किसी सार्वजनिक सभा की संभावना नहीं बताई जा रही है।
करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नया टर्मिनल तीन वर्षों में तैयार हुआ है। यह भवन पुराने टर्मिनल के निकट विकसित किया गया है और इसके उद्घाटन के लगभग एक माह के भीतर यहां से नियमित उड़ान संचालन शुरू होने की संभावना है। आधुनिक तकनीक पर आधारित इस टर्मिनल का निर्माण ग्लास फाइबर रिइनफोर्स्ड कंक्रीट (जीएफआरसी) तथा माइल्ड स्टील आधारित मॉड्यूलर संरचना से किया गया है। विशाल लाउंज क्षेत्र में कम संख्या में कॉलम रखकर यात्रियों के लिए अधिक खुला और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराया गया है।
हालांकि नए टर्मिनल के निर्माण में पारंपरिक जोधपुरी पत्थर का उपयोग नहीं होने के कारण इसे शहर की विरासत शैली का स्वरूप नहीं मिल पाया है। इसके बावजूद आधुनिक वास्तुकला और बेहतर यात्री सुविधाओं के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
वर्तमान में जोधपुर एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पुणे और हैदराबाद सहित छह शहरों के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। इसी बीच एयर कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए एक जुलाई से अहमदाबाद-जोधपुर सेवा को नोएडा तक विस्तारित किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत विमान अहमदाबाद से जोधपुर होते हुए नोएडा जाएगा और वापसी में भी यही मार्ग अपनाएगा, जिससे पश्चिमी राजस्थान के यात्रियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक बेहतर हवाई सुविधा उपलब्ध होगी।