



टोंक शहर में नकली नोट खपाने का मामला सामने आने के बाद व्यापारियों और आम लोगों में चिंता बढ़ गई है। यह घटना मंगलवार रात शहर की प्रमुख सब्जी मंडी में हुई, जहां दो युवकों ने अलग-अलग दुकानों से सब्जी और फल खरीदे तथा विक्रेताओं को 500 और 200 रुपए के नकली नोट थमा दिए। नोट असली जैसे नजर आने के कारण सब्जी विक्रेताओं ने उन्हें स्वीकार कर लिया। हालांकि बुधवार सुबह जब सब्जी विक्रेता अपनी दैनिक बिक्री की राशि मंडी के व्यापारियों के पास जमा कराने पहुंचे, तब नोटों की जांच के दौरान उनके नकली होने का खुलासा हुआ।
नकली नोट सामने आने के बाद मंडी में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुरानी टोंक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और व्यापारियों व सब्जी विक्रेताओं से पूरे मामले की जानकारी ली। मंडी में 200-200 रुपए के 4 नोट और 500-500 रुपए के 13 नोट नकली पाए गए हैं। विक्रेताओं के अनुसार शातिर बदमाशों ने अलग-अलग दुकानों पर खरीदारी कर नकली नोट चलाए और असली रुपए के रूप में बची हुई राशि भी वापस ले ली। इस तरह करीब 17 सब्जी विक्रेता ठगी का शिकार हो गए।
सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि मंगलवार देर रात दो युवक मंडी में पहुंचे थे। उन्होंने कई दुकानों पर सब्जियों और फलों के भाव पूछे और खरीदारी की। इसके बाद उन्होंने दुकानदारों को 500 और 200 रुपए के नोट देकर भुगतान किया तथा शेष राशि वापस ले ली। देर रात तक किसी भी दुकानदार को नोटों के नकली होने का संदेह नहीं हुआ। बुधवार सुबह जब नोटों की जांच हुई, तब मामला सामने आया। घटना के बाद विक्रेताओं ने मंडी क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।