Tuesday, 16 June 2026

जैसलमेर से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, चाय की दुकान की आड़ में सेना और बीएसएफ की गतिविधियों की जानकारी भेजने का आरोप


जैसलमेर से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, चाय की दुकान की आड़ में सेना और बीएसएफ की गतिविधियों की जानकारी भेजने का आरोप

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जयपुर। राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कार्रवाई करते हुए जैसलमेर जिले से एक संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के हैंडलर्स के संपर्क में था और सीमावर्ती क्षेत्र में सेना तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेज रहा था।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि राजस्थान में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों द्वारा संचालित संभावित जासूसी गतिविधियों पर सीआईडी इंटेलिजेंस लगातार निगरानी रखे हुए है। इसी दौरान जैसलमेर जिले के खारिया नाचना क्षेत्र स्थित हिगोला की ढाणी निवासी 26 वर्षीय मुस्ताक अली की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद खुफिया एजेंसियों ने उस पर विशेष निगरानी शुरू की।

जांच के दौरान सामने आया कि मुस्ताक अली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े हैंडलर्स के नियमित संपर्क में था। एजेंसियों ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय जांच के आधार पर उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए जयपुर लाया गया।

प्रारंभिक पूछताछ और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में यह जानकारी सामने आई कि आरोपी को सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ और भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के विशेष निर्देश दिए गए थे। इसके लिए उसने जैसलमेर में सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर चाय की दुकान संचालित कर रखी थी। आरोप है कि वह दुकान की आड़ में सुरक्षा बलों के वाहनों, जवानों की आवाजाही और अन्य संवेदनशील गतिविधियों के फोटो एवं वीडियो रिकॉर्ड कर पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी को इन जानकारियों के बदले आर्थिक लाभ भी प्राप्त होता था। उसके बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और संपर्क सूत्रों की भी गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या आरोपी किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था।

फिलहाल सीआईडी इंटेलिजेंस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय जासूसी नेटवर्क और पाकिस्तानी हैंडलर्स की गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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