Sunday, 14 June 2026

राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर असमंजस, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी बोले- अक्टूबर से दिसंबर के बीच हर हाल में होंगे चुनाव


राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर असमंजस, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी बोले- अक्टूबर से दिसंबर के बीच हर हाल में होंगे चुनाव

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राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना करते हुए चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से आवश्यक सहयोग मांग रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिला आरक्षण की प्रक्रिया पूरी किए बिना चुनाव कराना संभव नहीं होने की बात कह रही है। इस बीच राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने दावा किया है कि राज्य सरकार "एक राज्य, एक चुनाव" के संकल्प को पूरा करने के लिए अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच हर हाल में पंचायत और निकाय चुनाव संपन्न कराएगी।

भीलवाड़ा में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ.अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि चुनावों को लेकर सरकार और ओबीसी आयोग युद्धस्तर पर समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि चुनाव कराने में कोई अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भी स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लंबे समय तक टाले गए थे।

राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम को समयबद्ध तरीके से लागू करने के उद्देश्य से राज्य सरकार को पत्र लिखकर एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है। आयोग का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ओबीसी आरक्षण पर अंतिम निर्णय लंबित रहने की स्थिति में भी चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए अन्य आरक्षण श्रेणियों का निर्धारण आवश्यक है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण से संबंधित लॉटरी प्रक्रिया आयोजित करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है।

अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि राजस्थान वित्त आयोग स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है। आयोग विभिन्न स्तरों पर अध्ययन कर रहा है तथा विशेषज्ञों और आमजन से सुझाव भी प्राप्त किए जा रहे हैं, ताकि विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत वित्तीय ढांचा तैयार किया जा सके।

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आयोजित शहरी विकास शिविरों की भी सराहना की और कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। सरकार ने विभिन्न विभागों को एक मंच पर लाकर आमजन को त्वरित राहत देने की व्यवस्था की है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर विकास न्यास और अन्य सरकारी विभागों में लंबे समय से रिक्त पदों को स्थानांतरण और प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से शीघ्र भरने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर अरुण चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में विधायक अशोक कोठारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा तथा पूर्व महापौर राकेश पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

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