



नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समावेशी मानव विकास की रणनीति तैयार करना और उसे प्रभावी रूप से लागू करने पर विचार-विमर्श करना रहा।
इस वर्ष बैठक की थीम "विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास" रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग, क्षेत्र, आयु समूह और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि तक पहुंचे। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और डिजिटल गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में राज्यों और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही राज्यों के विकास दृष्टिकोण को राष्ट्रीय विकास दृष्टि के साथ जोड़ने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया।
नीति आयोग की इस बैठक में मानव संसाधन विकास को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने, रोजगार सृजन बढ़ाने, महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने तथा सामाजिक एवं क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की प्रमुख सिफारिशों की भी समीक्षा की गई। इन सिफारिशों को राज्यों में प्रभावी रूप से लागू करने तथा प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने के उपायों पर भी मंथन किया गया।
केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, देश को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में स्थापित करना है। इसके लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ मानव पूंजी, सामाजिक न्याय, नवाचार, डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार लाना और विकास के अवसरों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है।
