



जयपुर। खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच बड़ी कार्रवाई की गई है। हादसे में आठ लोगों की मौत के बाद पुलिस विभाग ने खोह नागोरियान थाना प्रभारी सहित नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खोह नागोरियान थाना प्रभारी ओमप्रकाश मातवा समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। साथ ही अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) स्तर के अधिकारी को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि क्षेत्र में संचालित अवैध गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
हादसे के बाद एक और वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे घटनाक्रम की भयावहता को उजागर कर दिया है। वीडियो में दो युवक गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में फैक्ट्री परिसर के बाहर मदद की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक युवक बार-बार अस्पताल पहुंचाने की अपील कर रहा था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और हादसे की गंभीरता को दर्शाता है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस भवन में विस्फोट और आग लगी, वहां कथित रूप से अवैध रूप से पटाखा निर्माण और बारूद का भंडारण किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह परिसर याकूब और उसके भाई कयूम से जुड़ा हुआ है। दोनों का आवास रहीम नगर सेकंड क्षेत्र में स्थित है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अवैध फैक्ट्री कितने समय से संचालित हो रही थी और इसके संचालन में किन-किन लोगों की भूमिका थी।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण अब पुलिस और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर भी जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
जांच एजेंसियां फैक्ट्री के संचालन, लाइसेंस, बारूद की उपलब्धता, सुरक्षा मानकों और स्थानीय प्रशासन की भूमिका सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।