Monday, 08 June 2026

नकली मूंगफली बीज घोटाला: बीज निगम के नामित निदेशक समेत 6 आरोपी 5 दिन की रिमांड पर


नकली मूंगफली बीज घोटाला: बीज निगम के नामित निदेशक समेत 6 आरोपी 5 दिन की रिमांड पर

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

बीकानेर। नकली मूंगफली बीज घोटाले से जुड़े बहुचर्चित मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को बीकानेर की एसीबी विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है, ताकि जांच एजेंसी उनसे विस्तृत पूछताछ कर सके।

इस मामले में राजस्थान राज्य बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर सहित कुल छह आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। एसीबी का आरोप है कि नकली मूंगफली बीज प्रकरण में कार्रवाई को प्रभावित करने, सैंपल पास कराने तथा संबंधित कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर रिश्वतखोरी और सांठगांठ का खेल चल रहा था।

जानकारी के अनुसार कृषि विभाग ने 27 मई को जोधपुर स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य के बीज जब्त किए थे। जांच के दौरान आरोप सामने आए कि बीजों के सैंपल अनुकूल रिपोर्ट से पास कराने, कार्रवाई को प्रभावित करने और जब्त बीजों को वापस गुजरात भेजने के लिए रिश्वत का नेटवर्क सक्रिय था। एसीबी को यह भी सूचना मिली थी कि इस मामले में बड़ी रकम विभिन्न स्तरों तक पहुंचाई जा चुकी है और कुछ अधिकारियों तथा प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

मामले में 7 जून को बीकानेर जिले के लूणकरणसर क्षेत्र में एक निजी बस से 85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। एसीबी ने बस में सफर कर रहे स्वतंत्र ज्याणी को हिरासत में लिया था। जांच में सामने आया कि यह राशि कथित रूप से श्रीगंगानगर स्थित एक ठिकाने तक पहुंचाई जानी थी। पूछताछ के आधार पर जांच एजेंसी ने आगे कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की।

इसके बाद एसीबी ने बीकानेर के जयपुर रोड स्थित जुगल किशोर के आवास पर तलाशी अभियान चलाया, जहां से 1 करोड़ 58 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इस कार्रवाई के दौरान जुगल किशोर, किरण कापड़िया, गणपत बिश्नोई, सतपाल सिंह और सुनील सेठिया सहित अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।

एसीबी के अनुसार अब तक इस मामले में कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह धनराशि किस उद्देश्य से एकत्र की गई थी, इसके स्रोत क्या थे और इसमें किन-किन व्यक्तियों की भूमिका रही।

रिमांड अवधि के दौरान एसीबी आरोपियों से वित्तीय लेन-देन, कथित रिश्वत नेटवर्क, नकली बीज कारोबार और विभिन्न व्यक्तियों के बीच संबंधों को लेकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

किरण कपाड़िया और कथित दलाल सुनील सेठिया,जुगल किशोर बिश्नोई,गणपत बिश्नोई
किरण कपाड़िया और कथित दलाल सुनील सेठिया,जुगल किशोर बिश्नोई,गणपत बिश्नोई
    Previous
    Next

    Related Posts