



दौसा। जिला कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में सोमवार को कांग्रेस नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की। हालांकि कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधायक खरीद-फरोख्त संबंधी बयान को लेकर पूछे गए सवालों ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया। दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं पर भी टिप्पणी की।
दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने विधायकों को खरीदने के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव दिए जाने की बात कही थी। सांसद ने कहा कि यदि वास्तव में ऐसे सौदे होते तो वह आज यहां खड़े होकर भाषण नहीं दे रहे होते। उन्होंने कहा कि दौसा की जनता उन्हें अच्छी तरह जानती है और उनके राजनीतिक जीवन की पारदर्शिता से परिचित है।
मुरारीलाल मीणा ने कांग्रेस के भीतर चल रही बयानबाजी को परिवार के भीतर होने वाली सामान्य चर्चाओं जैसा बताते हुए कहा कि बड़े राजनीतिक दलों में विचारों का आदान-प्रदान होता रहता है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, जबकि सचिन पायलट ऊर्जावान युवा नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों नेताओं का कांग्रेस में महत्वपूर्ण योगदान है और पार्टी भविष्य में मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।
कार्यक्रम में मौजूद दौसा जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक राकेश पारीक ने भी अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उम्र के एक पड़ाव पर व्यक्ति कई बार भावनात्मक रूप से बातें कह देता है। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
सचिन पायलट को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करना ही वर्तमान प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का स्पष्ट संदेश है कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने बूथ को मजबूत करे और संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व को लेकर निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
परसादी लाल मीणा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की कार्यशैली की सराहना की है और अन्य राज्यों को भी उनसे प्रेरणा लेने की बात कही है। मानेसर प्रकरण और सरकार गिराने के प्रयासों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पुरानी बात हो चुकी है और अंततः सरकार बच गई थी।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री ममता भूपेश ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बिना किसी मंत्री का नाम लिए कहा कि कुछ मंत्री बार-बार इस्तीफा देने की बात करते हैं, लेकिन उनके विभाग में गंभीर घटनाएं सामने आने के बावजूद कोई जवाबदेही तय नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे मामलों पर सरकार से जवाब चाहती है।
शपथ ग्रहण समारोह में दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा, पूर्व मंत्री ममता भूपेश, पूर्व विधायक राकेश पारीक, पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा और दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया गया।