



जयपुर। राजस्थान पुलिस ने दिल्ली-मुंबई नेशनल एक्सप्रेस-वे (NE-4) पर यात्रियों की सुरक्षा, त्वरित सहायता और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य में पहली बार एक्सप्रेस-वे के रेस्ट एरिया में दो अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। ये चौकियां अलवर जिले के पिनान रेस्ट एरिया और दौसा जिले के धनावड़ रेस्ट एरिया में शुरू की गई हैं, जहां चौबीसों घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था देश में अपने प्रकार की पहली पहल मानी जा रही है। चौकियां स्थापित करने से पहले राजस्थान पुलिस ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात सहित उन राज्यों से भी फीडबैक लिया, जहां से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे गुजरता है, लेकिन वहां इस प्रकार की स्थायी पुलिस चौकी व्यवस्था नहीं मिली। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए यह मॉडल विकसित किया।
अब तक किसी भी सड़क हादसे या आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस को इंटर एक्सचेंज प्वाइंट के माध्यम से एक्सप्रेस-वे पर पहुंचना पड़ता था, जिससे प्रतिक्रिया में समय लग सकता था। नई व्यवस्था के तहत एक पुलिस गश्ती दल 24 घंटे एक्सप्रेस-वे पर मौजूद रहेगा और किसी भी दुर्घटना, अपराध या आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकेगा।
इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य एक्सप्रेस-वे पर अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों, विशेष रूप से ट्रकों पर नियंत्रण करना भी है। पुलिस नियमित पेट्रोलिंग के जरिए ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करेगी, जिससे सड़क हादसों की संभावना कम हो सके। ट्रकों को केवल निर्धारित रेस्ट एरिया में ही खड़ा करने की अनुमति होगी। इसके अलावा तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाने, यातायात नियमों के उल्लंघन और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी प्रभावी निगरानी रखी जाएगी।
जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि हाल के दिनों में एक्सप्रेस-वे पर हुई सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा के निर्देश पर घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से दोनों चौकियां शुरू की गई हैं। चौकियां राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से रेस्ट एरिया में स्थापित की गई हैं ताकि पुलिसकर्मी हर समय हाईवे से सीधे जुड़े रह सकें। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में अन्य जिलों और एक्सप्रेस-वे खंडों में भी ऐसी चौकियां स्थापित की जा सकती हैं।
इस नई व्यवस्था से न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित सहायता उपलब्ध कराकर कई लोगों की जान भी बचाई जा सकेगी।