Saturday, 06 June 2026

नीरज डांगी के हलफनामे में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, 2.55 किलो सोना और 31 किलो चांदी का किया उल्लेख


नीरज डांगी के हलफनामे में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, 2.55 किलो सोना और 31 किलो चांदी का किया उल्लेख

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जयपुर। कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार नीरज डांगी द्वारा चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत हलफनामे में उनकी चल एवं अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा सामने आया है। दस्तावेजों के अनुसार डांगी और उनके परिवार के पास करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति, सोना-चांदी, निवेश और विभिन्न स्थानों पर अचल संपत्तियां दर्ज हैं।

हलफनामे के अनुसार डांगी परिवार के पास कुल 2.55 किलोग्राम सोना है। मौजूदा बाजार दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 3.66 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा परिवार के पास करीब 31 किलोग्राम चांदी भी है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 86.69 लाख रुपये बताई गई है।

चल संपत्तियों के विवरण में परिवार की कुल चल संपत्ति का मूल्य 2.79 करोड़ रुपये दर्शाया गया है। इसमें नकद राशि, बैंक खातों में जमा धनराशि, सावधि जमा (एफडी) और अन्य वित्तीय संसाधन शामिल हैं। हलफनामे के मुताबिक परिवार के पास नकद और विभिन्न बैंक खातों में कुल 1.43 करोड़ रुपये की राशि जमा है।

दस्तावेजों में यह भी उल्लेख किया गया है कि परिवार ने बीमा योजनाओं और अन्य वित्तीय निवेश माध्यमों में लगभग 83.30 लाख रुपये का निवेश किया हुआ है। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यक्तियों अथवा संपत्ति खरीद से जुड़े अग्रिम भुगतान और ऋण के रूप में करीब 2.25 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।

वाहनों की श्रेणी में नीरज डांगी और उनके परिवार के पास टोयोटा इनोवा क्रिस्टा और फोर्ड इकोस्पोर्ट जैसी गाड़ियां दर्ज हैं। हलफनामे में इन वाहनों का भी उल्लेख किया गया है।

अचल संपत्तियों के मामले में भी नीरज डांगी की उल्लेखनीय हिस्सेदारी सामने आई है। हलफनामे के अनुसार सिरोही जिले के पिंडवाड़ा में स्थित ‘मैग्नेटिक फ्यूलिंग स्टेशन’ नामक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में उनकी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसे उनकी प्रमुख व्यावसायिक संपत्तियों में शामिल माना जा रहा है।

इसके अलावा पाली जिले में स्थित पैतृक कृषि भूमि में उनका 1/11 हिस्सा दर्ज है। वहीं रियल एस्टेट निवेश के तहत उनके नाम ग्रेटर नोएडा में एक व्यावसायिक भूखंड तथा जयपुर के सिरसी रोड क्षेत्र में एक आवासीय भूखंड भी दर्ज है।

राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल हलफनामे में संपत्तियों का यह विवरण सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। चुनावी प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों द्वारा अपनी संपत्तियों और देनदारियों का पूरा विवरण चुनाव आयोग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है।

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