Saturday, 06 June 2026

किसानों को दिन में बिजली, पशुपालकों को आर्थिक संबल और युवाओं को रोजगार दे रही सरकार: भजनलाल शर्मा


किसानों को दिन में बिजली, पशुपालकों को आर्थिक संबल और युवाओं को रोजगार दे रही सरकार: भजनलाल शर्मा

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भीलवाड़ा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने के लिए राज्य सरकार किसान, पशुपालक और युवाओं के हितों को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। पानी, बिजली, कृषि, पशुपालन और रोजगार जैसे क्षेत्रों में ठोस रोडमैप तैयार कर प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को भीलवाड़ा जिले की खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम पंचायत में नवीन कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय खोलने तथा नए कृषि पर्यवेक्षक पद के सृजन की घोषणा की। साथ ही विद्यार्थियों की मांग पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान, जीव विज्ञान एवं कृषि विज्ञान संकाय शुरू करने का आश्वासन भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सबसे पहले पानी और बिजली की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित जल परियोजनाओं को गति दी गई है। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर सुदृढ़ीकरण, माही, देवास, सोम-कमला-अंबा तथा ब्राह्मणी नदी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और वर्तमान में 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक, वैज्ञानिक और जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त 3 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। कृषि उपज आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित होने से किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

पशुपालकों के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है। दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना पशुपालकों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, जबकि मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से पशुओं के उपचार की सुविधा गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही है।

युवाओं के रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ढाई वर्षों में 1.25 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। वर्तमान में 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है तथा सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए पेपर लीक पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने राइजिंग राजस्थान समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इससे प्रदेश में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों से संवाद भी किया। किसानों ने पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई, जैविक खेती, तारबंदी और उद्यानिकी योजनाओं से बढ़ी आय के अनुभव साझा किए। वहीं पशुपालकों ने गोपाल क्रेडिट कार्ड, दूध अनुदान और मंगला पशु बीमा योजना से मिले लाभों की जानकारी दी।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही छात्रा श्रेया कुमावत ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री ने उसके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायक जब्बर सिंह सांखला, गोपाल लाल शर्मा, उदयलाल भड़ाना, अशोक कुमार कोठारी, लालाराम बैरवा, गोपीचंद मीणा, लादूलाल पितलिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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