



कोटा। कोटा जिले के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित चंद्रेसल गांव में एक सुप्रसिद्ध धार्मिक मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। अज्ञात हमलावरों ने देर रात मठ परिसर में घुसकर महंत पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महंत को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद धार्मिक और सामाजिक संगठनों में आक्रोश का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, महंत देवानंद महाराज रोजाना की तरह मठ परिसर स्थित अपने कक्ष में विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान देर रात अज्ञात हमलावर मठ में प्रवेश कर गए और उन्होंने महंत पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले के दौरान महंत ने सहायता के लिए आवाज लगाई, जिसे सुनकर मठ के सेवादार और आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। लोगों के पहुंचने की आहट मिलते ही हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले हमलावरों ने मठ में रह रहे एक अन्य महंत के कमरे को बाहर से बंद कर दिया था, जिससे वे तत्काल बाहर नहीं निकल सके। इस पहलू को भी पुलिस जांच का हिस्सा बना रही है।
घटना के बाद जब ग्रामीण और सेवादार महंत के कक्ष में पहुंचे तो वे गंभीर रूप से घायल अवस्था में खून से लथपथ पड़े मिले। इसके बाद तत्काल बोरखेड़ा थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से महंत को उपचार के लिए महाराव भीमसिंह अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने महंत का उपचार शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
इस हत्याकांड के पीछे के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार महंत देवानंद महाराज लंबे समय से मठ की धार्मिक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे और उनका स्वभाव शांत एवं सरल था। सामान्य तौर पर उनका किसी से विवाद होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, मठ की भूमि या संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद अथवा अन्य कोई कारण तो नहीं है। इसके साथ ही चोरी या लूटपाट के उद्देश्य से आए बदमाशों द्वारा विरोध करने पर हमला किए जाने की संभावना को भी खंगाला जा रहा है।
बोरखेड़ा थाना पुलिस और कोटा पुलिस की विशेष टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने, आसपास के लोगों से पूछताछ करने तथा संभावित संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।