Saturday, 06 June 2026

बालोतरा-पचपदरा नई रेल लाइन बनेगी पश्चिमी राजस्थान की विकास धुरी, बाड़मेर स्टेशन पर भी होंगे बड़े विस्तार कार्य


बालोतरा-पचपदरा नई रेल लाइन बनेगी पश्चिमी राजस्थान की विकास धुरी, बाड़मेर स्टेशन पर भी होंगे बड़े विस्तार कार्य

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

बाड़मेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा है कि पचपदरा रिफाइनरी परियोजना को देखते हुए प्रस्तावित बालोतरा-पचपदरा नई रेल लाइन राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि इस रेलखंड का निर्माण पूर्व में संचालित मीटरगेज लाइन की अलाइनमेंट पर ही किया जाएगा, जिससे परियोजना को गति मिलने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी नया आधार मिलेगा।

बाड़मेर दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए महाप्रबंधक अमिताभ ने बताया कि परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में लागत आकलन (कॉस्ट एस्टिमेशन) और अन्य तकनीकी रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी और बड़े पैमाने की परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। नई रेल लाइन पचपदरा रिफाइनरी को मजबूत रेल संपर्क प्रदान करेगी, जिससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा होगी। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान में माल परिवहन नेटवर्क को भी नई गति मिलेगी।

महाप्रबंधक ने बताया कि पचपदरा में विकसित हो रही रिफाइनरी परियोजना के लिए रेलवे कनेक्टिविटी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई रेल लाइन शुरू होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे बाड़मेर, बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बाड़मेर रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि स्टेशन पर बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना विकास कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में स्टेशन पर तीन प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें बढ़ाकर छह करने की योजना पर कार्य चल रहा है। इससे ट्रेनों के संचालन में सुविधा बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

अमिताभ ने कहा कि बाड़मेर स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए द्वितीय प्रवेश द्वार (सेकेंड एंट्री गेट) विकसित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इसके निर्माण से यात्रियों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद बाड़मेर स्टेशन की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा यह पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख रेलवे केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभरेगा।

    Previous
    Next

    Related Posts