Friday, 05 June 2026

जलवायु परिवर्तन से राजस्थान में बढ़ रहा संकट, जागरूकता और समाधान में मीडिया की अहम भूमिका : केएल राव


जलवायु परिवर्तन से राजस्थान में बढ़ रहा संकट, जागरूकता और समाधान में मीडिया की अहम भूमिका : केएल राव

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जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूनिसेफ और फ्यूचर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर स्थित कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में मीडिया राउंडटेबल एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारों, पर्यावरण विशेषज्ञों, मौसम वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए यूनिसेफ के प्रमुख केएल राव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण राजस्थान में हीटवेव, जल संकट, अनियमित वर्षा और सूखे जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है और इसमें मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज को सही जानकारी देकर जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील बनाने और समाधान आधारित सोच विकसित करने में अहम योगदान दे सकता है।

बच्चों और महिलाओं पर सबसे अधिक असर

कार्यक्रम की शुरुआत में यूनिसेफ राजस्थान प्रमुख रूषभ हेमानी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान का विकासात्मक संकट बन चुका है। इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और जल संकट का अतिरिक्त बोझ विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं को झेलना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में राजस्थान में पहली राज्य स्तरीय जलवायु परामर्श बैठक आयोजित की गई थी, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों और विशेषज्ञ संस्थानों ने जलवायु जोखिमों के समाधान के लिए साझा रणनीति तैयार की।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में विशेष पहल

के.एल. राव ने बताया कि यूनिसेफ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी जिलों में जिला जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम स्थापित किए हैं। इससे जलवायु जनित स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान और निगरानी को मजबूती मिली है।

शिक्षा क्षेत्र में स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर सरकारी विद्यालयों के लिए हीटवेव शिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को अत्यधिक गर्मी से बचाव, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

जल सुरक्षा पर विशेष जोर

मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख राधेश्याम शर्मा ने कहा कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और भूजल दोहन के कारण राजस्थान के जल संसाधनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, जल बजटिंग और स्रोत संरक्षण जैसे उपायों को मजबूत किया जा रहा है।

युवाओं को बनाया जाएगा जलवायु योद्धा

यूनिसेफ के कम्युनिकेशन विशेषज्ञ अंकुश सिंह ने बताया कि ‘यूथ फॉर क्लाइमेट एक्शन’ पहल के तहत राजस्थान युवा बोर्ड के सहयोग से युवाओं को जलवायु विज्ञान, हरित रोजगार, सतत विकास और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।

कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट UNICEF, अंकुश सिंह ने बताया कि युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूनिसेफ राजस्थान युवा बोर्ड के साथ मिलकर ‘यूथ फॉर क्लाइमेट एक्शन’ पहल शुरू कर रहा है। स्वामी विवेकानंद युवा पोर्टल के माध्यम से युवाओं को जलवायु विज्ञान, जलवायु नीति, हरित रोजगार, सतत विकास, कार्बन बाजार और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्यभर में जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक और सक्रिय युवा नेतृत्व तैयार करना है।

फ्यूचर सोसाइटी की सचिव डॉ. मीना शर्मा ने बताया कि आने वाले वर्षों में जलवायु अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं, जल सुरक्षा, जलवायु-स्मार्ट स्कूलों और युवाओं की भागीदारी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में बच्चों के जीवन, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।

इस कार्यशाला में जयपुर के गोवर्धन चौधरी, रघु आदित्य, अर्चना शर्मा, शोहेब खान, कैलाश चौधरी, RJ शिवांगी, अरविन्द पालावत, वेद प्रकश सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

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