



कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वरिष्ठ नेता और पूर्व कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) का सदस्य मनोनीत किया है। इस संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने 2 जून को आधिकारिक आदेश जारी किए।
कांग्रेस कार्यसमिति पार्टी की सर्वोच्च नीति-निर्धारण इकाई मानी जाती है, जहां संगठन और राजनीतिक रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं। सिद्धारमैया को इस समिति में शामिल किया जाना कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उनके राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक योगदान पर जताए गए विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
सिद्धारमैया लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और कर्नाटक की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्हें पार्टी की केंद्रीय निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका देने के संकेत पहले से ही मिल रहे थे। अब कांग्रेस कार्यसमिति में उनकी नियुक्ति के साथ उनकी राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका और अधिक मजबूत होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के मद्देनजर कांग्रेस नेतृत्व अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप रहा है। ऐसे में सिद्धारमैया की नियुक्ति को दक्षिण भारत में पार्टी की राजनीतिक स्थिति को और सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।
कांग्रेस कार्यसमिति में शामिल होने के बाद सिद्धारमैया पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के निर्णयों, संगठनात्मक रणनीतियों और राजनीतिक मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगे।
