



केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। साथ ही OSM सेवा से जुड़े टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन नियुक्त किया है, जबकि वरुण भारद्वाज को बोर्ड का नया सचिव बनाया गया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब OSM प्रणाली की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया जब OSM प्रणाली में कथित गड़बड़ियों का खुलासा करने वाले कक्षा 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत को संसद की स्थायी समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया। मंगलवार दोपहर एक बजे सार्थक समिति के सामने पेश हुए। बताया जा रहा है कि यह पहली बार है जब किसी छात्र को किसी प्रशासनिक या शैक्षणिक विवाद से जुड़े मामले में संसद की स्थायी समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर दिया गया।
सार्थक सिद्धांत द्वारा उठाए गए सवालों के बाद OSM प्रणाली की कार्यप्रणाली को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। जांच समिति OSM सेवा के लिए जारी किए गए टेंडर, खरीद प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रशासनिक निर्णयों की समीक्षा करेगी।
इसी बीच सीबीएसई ने एक और बड़ी चुनौती का सामना किया। बोर्ड के री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) पोर्टल पर साइबर अटैक की कोशिश की गई। CBSE के अनुसार, महज दो मिनट के भीतर पोर्टल पर लगभग 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट दर्ज किए गए। इसके अलावा एक लाख से अधिक बार सिस्टम की फाइलों तक अनधिकृत पहुंच बनाने का प्रयास किया गया।
बोर्ड ने दावा किया है कि उसकी तकनीकी टीम ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया और किसी भी संवेदनशील डेटा के प्रभावित होने की सूचना नहीं है। हालांकि घटना के बाद साइबर सुरक्षा उपायों की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
सीबीएसई में हुए इन बदलावों और जांच प्रक्रिया को शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और OSM विवाद से जुड़े आगामी निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।