



जयपुर। राजस्थान में जून महीने की शुरुआत तेज आंधी और बारिश के साथ हुई है। मौसम विभाग ने मंगलवार 2 जून को भी प्रदेश के 19 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार मौसम में यह बदलाव 5 जून तक जारी रहने की संभावना है। बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और कई स्थानों पर तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया है।
सोमवार को कोटा, उदयपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, नागौर, जयपुर, टोंक और अन्य कई जिलों में तेज बारिश हुई। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। प्रदेश में सोमवार को सर्वाधिक तापमान फलोदी में 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जैसलमेर जिले में आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। सम सैंड ड्यून्स क्षेत्र स्थित जुमा हेरिटेज रिसोर्ट में तेज हवाओं के कारण लोक कलाकारों के ड्रेसिंग रूम की दीवार ढह गई। हादसे में बेरसियाला गांव निवासी 25 वर्षीय लोक कलाकार स्वरूप खान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवतियों सहित तीन अन्य कलाकार घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
बाड़मेर जिले में भी तेज तूफान के कारण कई स्थानों पर नुकसान हुआ। रामसर उपखंड के पाबूसरिया गांव में टीनशेड से बना एक कमरा ढह जाने से पिता-पुत्र मलबे में दब गए। वहीं, एक अन्य स्थान पर घर से बाहर निकल रही महिला के सिर पर लोहे की एंगल गिर गई। ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल राहत कार्य करते हुए तीनों घायलों को मलबे से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़ में सबसे अधिक 20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा टोंक जिले के निवाई में 11 मिलीमीटर, अजमेर में 12.6 मिलीमीटर और नागौर में 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। फलोदी और नागौर में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम और अधिक सुहावना हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, तेज हवाएं और बारिश जारी रह सकती है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है।

तेज आंधी से सैकड़ों बिजली पोल गिरे, कई इलाकों में रातभर अंधेरा, सड़कों पर मलबा और पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित
बाड़मेर। जिले में सोमवार रात आए तेज तूफान और बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। रामसर उपखंड के कंटल का पार पाबूसरिया गांव में तेज आंधी के दौरान टीनशेड से बना कमरा ढह जाने से पिता और पुत्र मलबे में दब गए, जबकि एक अन्य घर में बाहर निकल रही महिला के सिर पर लोहे की एंगल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। तीनों घायलों को ग्रामीणों और परिजनों ने मलबा हटाकर बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाड़मेर रेफर कर दिया गया।
सोमवार रात करीब 10 बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। दिनभर उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत तो मिली, लेकिन तूफान ने कई क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया। शहर में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार बाड़मेर में 25.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
तूफान का सबसे अधिक असर रामसर, चौहटन, गडरारोड और भारत-पाक सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए और कई स्थानों पर टीनशेड उड़ गए। ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों बिजली पोल धराशायी हो जाने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। कई गांवों में पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गडरारोड से खलीफे की बावड़ी मार्ग सहित कई सड़कों पर बिजली लाइन और पोल गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। चौहटन कस्बे में दुकानों के बाहर लगे टीनशेड तेज हवा के झोंकों में उड़ गए। कई ग्रामीण मार्गों पर पेड़ और मलबा गिरने के कारण आवाजाही बाधित रही तथा स्थानीय प्रशासन को रास्ते साफ कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
पाबूसरिया गांव में हुए हादसे में शैतान सिंह अपने चार वर्षीय पुत्र रोहित के साथ टीनशेड वाले कमरे में मौजूद थे। अचानक तेज आंधी के दौरान कमरा ढह गया और लोहे की एंगल तथा चद्दरों के नीचे दबने से शैतान सिंह घायल हो गए। हालांकि उन्होंने अपने बेटे को सुरक्षित बचा लिया। वहीं, गांव के दूसरे घर में कमरों के हिलने से लोग बाहर भागने लगे। इसी दौरान अनिता कंवर के सिर पर लोहे की एंगल गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार बिजली व्यवस्था बहाल करने और सड़कों से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।