



जयपुर। भैराणा धाम को रीको की प्रस्तावित अवाप्ति से बचाने की मांग को लेकर आंदोलनरत साधु-संतों ने रविवार को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के जयपुर स्थित आवास पर मुलाकात की। इस दौरान संतों ने राज्य सरकार के साथ हुई वार्ताओं और आंदोलन की वर्तमान स्थिति की जानकारी साझा की।
संतों ने कहा कि भैराणा धाम की भूमि को लेकर सरकार की ओर से विभिन्न स्तरों पर आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन जब तक भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासनों के आधार पर आंदोलन को स्थगित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
बैठक के दौरान संतों ने भैराणा धाम की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में धाम की भूमि से संबंधित किसी भी निर्णय में जनभावनाओं और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
हनुमान बेनीवाल ने संतों की बात सुनने के बाद कहा कि जनभावनाओं और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों का समाधान संवाद और सहमति के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि आंदोलनरत संतों की चिंताओं और मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
संतों ने दोहराया कि उनकी प्रमुख मांग भैराणा धाम की भूमि को रीको की अवाप्ति प्रक्रिया से पूरी तरह मुक्त करना है। उनका कहना है कि जब तक इस संबंध में स्पष्ट और लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।
