



अजमेर। राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। किशनगढ़ एयरपोर्ट पर नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच बेहतर तालमेल की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान का मॉडल दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच समन्वय और संगठनात्मक समझ कांग्रेस को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पुष्कर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय संगठन सृजन एवं चिंतन शिविर के समापन अवसर पर राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जिस प्रकार संगठनात्मक एकजुटता दिखाई दे रही है, उससे अन्य राज्यों को भी सीख लेनी चाहिए। उनका कहना था कि मजबूत संगठन और जमीनी स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं के बल पर ही कांग्रेस प्रभावी ढंग से राजनीतिक मुकाबला कर सकती है।
राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों की भूमिका को संगठन की रीढ़ बताते हुए कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिला अध्यक्षों पर है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जो पदाधिकारी मेहनत, समर्पण और परिणामों के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे संगठन में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्षों की सक्रियता और कार्यशैली का सीधा प्रभाव कार्यकर्ताओं के उत्साह और संगठन की मजबूती पर पड़ता है।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने एकजुटता को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर गुटबाजी और आपसी खींचतान संगठन को कमजोर करती है। यदि सभी नेता और कार्यकर्ता व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर संगठन के हित में कार्य करें तो कांग्रेस को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने कुछ जिला अध्यक्षों को मंच पर बुलाकर प्रतीकात्मक रूप से संगठन को प्राथमिकता देने का संदेश भी दिया।
कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए राहुल गांधी ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि विराट कोहली ने वर्षों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के बल पर अपनी पहचान बनाई है। राजनीति में भी सफलता के लिए इसी प्रकार के समर्पण, धैर्य और संघर्ष की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगातार जनता के बीच रहकर पार्टी की विचारधारा और मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, विधायक हरीश चौधरी, राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, दिव्या मदेरणा, दानिश अबरार, नसीम अख्तर इंसाफ, धर्मेंद्र राठौड़ और काजी निजामुद्दीन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। राहुल गांधी ने प्रशिक्षण शिविर में शामिल जिला अध्यक्षों के परिवारों से भी मुलाकात की और कार्यक्रम के अंत में सभी के साथ फोटो सेशन में हिस्सा लिया। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यह प्रशिक्षण शिविर आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।