



सीकर। भाजपा के हरियाणा प्रभारी और वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन विरोध का तरीका तार्किक, लोकतांत्रिक और मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में संवाद और असहमति स्वाभाविक है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में शालीनता और आचरण की मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
सतीश पूनिया शनिवार को सीकर में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनता नेताओं को बड़ा बनाती है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि कोई व्यक्ति राजनीतिक मर्यादाओं को भूल जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की अपनी गरिमा होती है और राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए।
राज्य मंत्री से जुड़े कथित ऑडियो विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनिया ने कहा कि संबंधित मंत्री ने ऑडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से संपादित बताया है और उसका खंडन किया है। उन्होंने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है तथा जांच जारी है। यदि किसी ने गलत तरीके से ऑडियो तैयार या प्रसारित किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना यह दर्शाता है कि सरकार निष्पक्ष रूप से काम कर रही है और किसी भी मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है। भाजपा संगठन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
सतीश पूनिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वर्तमान में विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जिसके लगभग 14 करोड़ सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि किसी संगठन की ताकत केवल भीड़ या संख्या से नहीं, बल्कि उसकी विचारधारा, संविधान और कार्यप्रणाली से निर्धारित होती है।
उन्होंने कहा कि राजनीति समय के साथ बदल रही है। जनसंघ के दौर में सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल माध्यम राजनीति और जनसंपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को भी बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।
पूनिया ने बताया कि भाजपा देशभर के लगभग एक हजार संगठनात्मक जिलों में प्रशिक्षण अभियान चला रही है। आने वाले समय में विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा और कार्यशैली को बेहतर ढंग से समझ सकें।
उन्होंने कहा कि भाजपा पहले केवल कैडर आधारित पार्टी मानी जाती थी, लेकिन आज वह एक व्यापक जनाधार वाला कार्यकर्ता-आधारित संगठन बन चुकी है। तीन सीटों से 303 सीटों तक का सफर संगठन शक्ति और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता का परिणाम है। भाजपा वर्ष के 365 दिन जनता और संगठन के लिए काम करने वाली पार्टी है।