



इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का खिताब भले ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने अपने नाम किया हो, लेकिन पूरे सीजन में सबसे ज्यादा सुर्खियां राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बटोरीं। महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंका दिया और एक ही सीजन में पांच बड़े व्यक्तिगत पुरस्कार जीतकर नया इतिहास रच दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 48.50 की शानदार औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक जड़े। कई मौकों पर उन्होंने अकेले दम पर मैच का रुख बदल दिया और विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।

सीजन में सर्वाधिक रन बनाने के लिए दिए जाने वाले ऑरेंज कैप पुरस्कार पर भी वैभव ने कब्जा जमाया। इसके साथ ही वे आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
वैभव को आईपीएल 2026 का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (एमवीपी) भी चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन को सर्वाधिक 436.5 अंक मिले। लगातार रन बनाने, तेज बल्लेबाजी और मैच विजेता पारियों ने उन्हें इस सम्मान का सबसे मजबूत दावेदार बनाया।
सूर्यवंशी ने 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट के साथ सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन पुरस्कार भी जीता। इस उपलब्धि के लिए उन्हें पुरस्कार स्वरूप टाटा सिएरा कार प्रदान की गई। उन्होंने कई अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को इस सूची में पीछे छोड़ दिया।
शानदार प्रदर्शन के दम पर वैभव को इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन चुना गया। यह पुरस्कार उस युवा खिलाड़ी को दिया जाता है जो अपने प्रदर्शन से भविष्य के बड़े सितारे के रूप में उभरता है। वैभव ने इस श्रेणी में भी अन्य युवा खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में 72 छक्के लगाए, जो आईपीएल के एक सीजन में किसी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सर्वाधिक छक्कों का नया रिकॉर्ड है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें सर्वाधिक छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला।
वैभव सूर्यवंशी ने सीजन के अंत में कुल पांच बड़े पुरस्कार जीते—
इस तरह उन्हें कुल 45 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और एक टाटा सिएरा कार प्राप्त हुई।
15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन आईपीएल इतिहास के सबसे यादगार अभियानों में गिना जाएगा। उन्होंने साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल चुका है।