



जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) कार्यकर्ताओं द्वारा कुचामन में किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध के नाम पर उनकी कार पर डंडों से हमला किया गया और प्रदर्शनकारियों की मंशा केवल विरोध नहीं, बल्कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की थी।
रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि वह अपनी पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे और समझ नहीं आया कि उनका किस बात पर विरोध किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारी उन्हें कोई ज्ञापन देना चाहते तो वे स्वयं वाहन से उतरकर ज्ञापन लेने के लिए तैयार थे, लेकिन उनकी गाड़ी पर डंडे बरसाना यह दर्शाता है कि विरोध का उद्देश्य कुछ और था।
राठौड़ ने कहा कि जब उनकी कार पर हमला शुरू हुआ तो उन्हें लगा कि विरोध प्रदर्शन के पीछे गंभीर मंशा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं और राजनीतिक असहमति को हिंसक रूप देने की प्रवृत्ति चिंता का विषय है।
राजनीतिक संवाद में मर्यादा और शालीनता की आवश्यकता पर बल देते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि राजनीति में विरोध स्वाभाविक है और विपक्ष का दायित्व भी है, लेकिन भाषा और व्यवहार दोनों लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा शब्द चयन होना चाहिए कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आमने-सामने मिलने पर सम्मान और संवाद बना रहे।
राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता मजबूत और प्रभावी विपक्ष में निहित है, लेकिन विपक्ष का आचरण भी गरिमापूर्ण और जिम्मेदार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता समाज को गलत दिशा में ले जाने वाले बयान देते हैं, जो लोकतांत्रिक संस्कृति के लिए उचित नहीं हैं।
सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुष्कर दौरे और कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने कहा कि यदि भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अन्य राजनीतिक दल प्रेरणा लेते हैं तो यह स्वागतयोग्य है। हालांकि उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और राहुल गांधी की कार्यशैली से पूरा देश परिचित है।