Sunday, 31 May 2026

आरजीएचएस की पूर्व परियोजना निदेशक शिप्रा विक्रम के खिलाफ जांच शुरू, अनियमितताओं के आरोपों की होगी पड़ताल


आरजीएचएस की पूर्व परियोजना निदेशक शिप्रा विक्रम के खिलाफ जांच शुरू, अनियमितताओं के आरोपों की होगी पड़ताल

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जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के बाद पूर्व परियोजना निदेशक एवं वित्त विभाग की वरिष्ठ अधिकारी शिप्रा विक्रम के खिलाफ सरकार ने औपचारिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले वर्ष दर्ज हुई शिकायतों के आधार पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है।

सूत्रों के अनुसार शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरजीएचएस के तहत अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को इंपैनल करने तथा सूची से हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती गईं। इसके अलावा कुछ इंपैनल संस्थानों के खिलाफ निकाली गई रिकवरी राशि को बाद में माफ करने सहित कई प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल उठाए गए हैं। इन आरोपों की सत्यता की जांच अब गठित समिति करेगी।

शिप्रा विक्रम लंबे समय तक RGHS परियोजना निदेशक के पद पर रहीं और योजना के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभागीय सूत्रों का दावा है कि उनके कार्यकाल के दौरान कई प्रशासनिक निर्णयों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे थे। हालांकि इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

मेडिकल हेल्थ विभाग द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति का अध्यक्ष राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को बनाया गया है। समिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव, राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के कार्यकारी निदेशक (वित्त) तथा कार्यकारी निदेशक (आईटी) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि वित्त विभाग में शिप्रा विक्रम का प्रभाव काफी मजबूत माना जाता था, जिसके कारण पूर्व में शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि विभागीय स्तर पर तैयार की गई एक आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने अब विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है।

फिलहाल जांच समिति आरोपों, वित्तीय निर्णयों, इंपैनलमेंट प्रक्रिया और रिकवरी मामलों से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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