Sunday, 31 May 2026

टोंक पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के सट्टा कारोबार का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार


टोंक पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के सट्टा कारोबार का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार

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टोंक। जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीना के निर्देशन में टोंक पुलिस ने अवैध जुआ-सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए के संगठित सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। डीएसटी टीम और पुरानी टोंक थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के मकान पर छापा मारकर कल्याण, मिलन और मधुर सट्टे के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहे सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 30 हजार 330 रुपए नकद, विभिन्न डिजिटल माध्यमों से सट्टे के लेन-देन से संबंधित 6 लाख 4 हजार 442 रुपए की राशि, 26 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 14 कैलकुलेटर, 60 हिसाब-किताब की डायरियां, 6 एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद की गई हैं। जांच में पिछले छह माह के दौरान करीब 6 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक के लेन-देन का रिकॉर्ड भी सामने आया है।

पुलिस ने मौके से एक स्विफ्ट कार (RJ 08 CB 5232) और तीन मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी राजस्थान के कई जिलों में बड़े स्तर पर सट्टा संचालन कर रहे थे।

यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव एवं उप अधीक्षक मृत्यजय मिश्रा के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक ओमप्रकाश और नेमीचंद के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी रईस पुत्र गनी मोहम्मद नैनवां (बूंदी) निवासी है, जो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर संगठित रूप से सट्टा कारोबार संचालित कर रहा था।

जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क जयपुर, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, दौसा, जोधपुर, बारां, इटावा, टोंक, गंगापुर, निवाई, उनियारा, सोप और देवली सहित कई शहरों एवं कस्बों तक फैला हुआ था। पुलिस अब इस नेटवर्क के आर्थिक स्रोतों, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में रईस पुत्र गनी मोहम्मद, राजू बंजारा, कन्हैयालाल महावर, महावीर गोस्वामी, समीर हुसैन, महावीर वैद्य और दलराज धाकड़ शामिल हैं। सभी आरोपी बूंदी और कोटा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर सट्टा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जाएगी। जिले में अवैध जुआ, सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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