Monday, 25 May 2026

राजस्थान में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जयपुर में पेट्रोल ₹ 112.66 और डीजल ₹ 97.78 प्रति लीटर पहुंचा


राजस्थान में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जयपुर में पेट्रोल ₹ 112.66 और डीजल ₹ 97.78 प्रति लीटर पहुंचा

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जयपुर | राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम जनता पर महंगाई का दबाव और बढ़ गया है। रविवार को एक बार फिर ईंधन के दामों में बड़ा इजाफा किया गया। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार जयपुर में पेट्रोल की कीमत में ₹2.82 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.73 प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद राजधानी जयपुर में पेट्रोल की कीमत ₹109.84 से बढ़कर ₹112.66 प्रति लीटर और डीजल ₹95.05 से बढ़कर ₹97.78 प्रति लीटर हो गया है।

लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों ने आम उपभोक्ताओं, परिवहन क्षेत्र, व्यापारियों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू स्तर पर कर एवं परिवहन लागत बढ़ने का असर सीधे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में महंगाई का असर खाद्य सामग्री, परिवहन किराए और रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखाई दे सकता है।

इस महीने चौथी बार बढ़े दाम

मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह चौथी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा किया गया था। वहीं 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया था। इसके अलावा 19 मई को दोनों ईंधनों की कीमतों में औसतन 90 पैसे की वृद्धि की गई थी। 15 मई को भी पेट्रोल-डीजल के दामों में लगभग ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ था।

लगातार हो रही इन बढ़ोतरी के कारण बीते कुछ दिनों में ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इससे निजी वाहन चालकों के साथ-साथ माल परिवहन क्षेत्र पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

आम लोगों की जेब पर बढ़ा असर

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। परिवहन महंगा होने से सब्जियों, फल, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। ऑटो, टैक्सी और बस संचालकों का कहना है कि यदि ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो किराए बढ़ाना मजबूरी हो जाएगा।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें महंगाई दर को और ऊपर ले जा सकती हैं। वहीं आम नागरिकों ने सरकार से टैक्स में राहत देने और ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की है।

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