



जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को शाम 5:00 बजे राज्य कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक शाम 5:30 बजेआयोजित होगी। बैठक में सरकारी विभागों में तबादलों पर लगे बैन को हटाने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। साथ ही पेट्रोल-डीजल की बचत और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार कई भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष तबादलों पर लगी रोक हटाने की मांग रखी है। सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों ने यह फीडबैक भी दिया है कि तबादलों से बैन हटाने का राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार इस संबंध में बड़ा निर्णय ले सकती है।
बताया जा रहा है कि यदि कैबिनेट में सहमति बनती है तो प्रशासनिक सुधार विभाग इस संबंध में सर्कुलर जारी करेगा। कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठकों में तबादलों से बैन हटाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप पेट्रोल-डीजल की बचत और मितव्ययता उपायों पर भी विचार किया जाएगा। हाल ही में मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या आधी से कम कर दी थी। अब सरकारी विभागों में भी ईंधन बचत और अनावश्यक खर्चों को कम करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
सरकार वित्त विभाग के माध्यम से मितव्ययता सर्कुलर जारी करने पर भी विचार कर रही है। इससे सरकारी विभागों में गैर जरूरी खर्चों में कटौती की जाएगी। वित्त विभाग पूर्व में भी इस प्रकार के सर्कुलर जारी करता रहा है।
सूत्रों के मुताबिक सरकारी विभागों में अत्यंत आवश्यक होने पर ही फिजिकल बैठकें आयोजित करने तथा वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा सकता है।
बैठक में सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा संभव मानी जा रही है। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को उस दिन कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार हाल ही में ईंधन बचत के लिए कई कदम उठा चुकी है। वहां सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने, 50 प्रतिशत बैठकों को वर्चुअल मोड में आयोजित करने तथा मंत्रियों और अधिकारियों को साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने जैसे फैसले लिए गए हैं।