



जयपुर। राजस्थान भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार शाम जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन और सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में राज्यसभा की तीन खाली होने वाली सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार करने के साथ ही ग्राम चौपाल अभियान और पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान को लेकर रणनीति बनाई गई।
बैठक में राज्यसभा पैनल के नाम को लेकर सहमति नहीं बन पाई। राज्यसभा में दो सीट पर भाजपा अपना अधिकार जाता रही है। इसमें से एक सीट केंद्रीय स्तर पर निर्णय होना है और रवनीत सिंह बिट्टू का नाम फाइनल माना जा रहा है। इसके अलावा खाली एक सीट पर स्थानीय नेताओं में से एक का चयन किया जाना है। राज्यसभा के लिए मौजूदा कोर कमेटी के सदस्य राजेंद्र राठौड़ और अशोक परनामी भी दावेदार हैं। इसके अलावा सतीश पूनिया,सुनील बंसल डॉ.अलका सिंह और मानवेंद्र सिंह के चर्चा भी है। बैठक को लेकर राजस्थान के प्रभारी और सांसद राधा मोहन अग्रवाल ने दूरी बनाए रखी।
बैठक में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और दिया कुमारी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और अशोक परनामी भी प्रदेश कार्यालय पहुंचे। जयपुर में मौजूद नेता व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल हुए, जबकि बाहर के नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
संगठन विस्तार पर भी बनी रणनीति
बैठक में भाजपा के आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। ग्राम चौपाल अभियान के जरिए पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को लेकर जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई।
डॉ चतुर्वेदी ने बताया कि बैठक में अधिकांश सदस्य भौतिक रूप से उपस्थित रहे। कुछ वरिष्ठ नेता अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों एवं अन्य कारणों से वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े। इनमें सी.पी. जोशी, अर्जुनराम मेघवाल, अलका गुर्जर एवं सतीश पूनिया शामिल रहे। भूपेंद्र यादव तकनीकी कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उनका दूरभाष पर संवाद हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने निकट संबंधी के अस्वस्थ होने के कारण संदेश प्रेषित कर बैठक के प्रति अपनी शुभकामनाएं दीं। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ प्रेमचंद बैरवा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भागीरथ विश्नोई, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी उपस्थित रहे।
डॉ चतुर्वेदी ने दावा करते हुए कहा कि बैठक में भाजपा के प्रदेशभर में चल रहे संगठनात्मक प्रशिक्षण वर्गों की भी समीक्षा की गई। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा प्रशिक्षण वर्गों में सहभागिता और संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण बढ़ रही पेट्रोल-डीजल कीमतों पर भी चर्चा हुई। रूस-यूक्रेन संकट तथा वैश्विक परिस्थितियों के कारण दुनिया के अधिकांश देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 50 से 120 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जबकि भारत में यह वृद्धि मात्र लगभग 3 प्रतिशत रही है। केंद्र सरकार ने पिछले चार महीनों तक सब्सिडी देकर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ने दिया। कांग्रेस इस विषय पर भी केवल राजनीति कर रही है। अशोक गहलोत सरकार के समय भाजपा ने वैट में राहत देने की मांग की थी, लेकिन उस समय कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने दो बार राहत देकर आमजन पर प्रभाव कम करने का प्रयास किया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। उपस्थित एवं वर्चुअल रूप से जुड़े सभी सदस्यों ने कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठन के प्रति निष्ठा एवं पार्टी हित को ध्यान में रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अधिकृत किया कि वे विचार-विमर्श कर उपयुक्त नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजें।