


सवाईमाधोपुर। राजस्थान में नीट-2025 पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पेपर लीक कांड की आंच अब सवाईमाधोपुर के मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गई है। गिरफ्तार आरोपी मांगीलाल बिंवाल का बेटा विकास बिंवाल 11 मई से रहस्यमय तरीके से गायब है और सीबीआई के रडार पर है।
विकास सवाईमाधोपुर के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। वह बिना किसी पूर्व सूचना के 11 मई से कॉलेज नहीं आ रहा। उसका अचानक गायब होना जांच को और पेचीदा बना रहा है। वहीं, दौसा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही मांगीलाल की बेटी प्रगति बिंवाल भी पेपरलीक मामला सामने आने के बाद अवकाश आवेदन देकर कॉलेज से चली गई है।
औसत छात्र का असाधारण प्रदर्शन
विकास बिंवाल का अकादमिक रिकॉर्ड हमेशा कमजोर रहा है। 10वीं में 63 प्रतिशत और 12वीं में मात्र 55 प्रतिशत अंक पाने वाले इस छात्र ने नीट-2024 में केवल 270 अंक हासिल किए थे। कोचिंग टेस्ट में भी उसका प्रदर्शन बेहद औसत रहा। इसके बावजूद नीट-2025 में उसने अचानक 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर सवाईमाधोपुर मेडिकल कॉलेज में दाखिला पा लिया।
सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि विकास की जनवरी से अप्रैल तक कॉलेज अटेंडेंस लगभग शून्य रही और परीक्षाओं में भी वह या तो अनुपस्थित रहा या बेहद कम अंक लाया।
एक परिवार, पांच मेडिकल सीटें
यही नहीं, आरोपी मांगीलाल और दिनेश बिंवाल के परिवार से सात सदस्य नीट परीक्षा में बैठे, जिनमें से पांच एक ही साल में अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिल हो गए। मांगीलाल और दिनेश की भतीजी सानिया जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में, भतीजी पलक मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में और दिनेश की बेटी गुंजन बनारस से मेडिकल शिक्षा ले रही है।
जांच एजेंसियां अब परिवार के सभी सदस्यों के परीक्षा रिकॉर्ड, कोचिंग टेस्ट, सोशल मीडिया पोस्ट और प्रचार सामग्री खंगाल रही हैं। औसत दर्जे के विद्यार्थियों का अचानक शानदार प्रदर्शन नीट-2025 की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।