Monday, 25 May 2026

राजस्थान को मिला पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया उद्घाटन


राजस्थान को मिला पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया उद्घाटन

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राजस्थान औद्योगिक और तकनीकी विकास की दिशा में एक नई उपलब्धि की ओर बढ़ गया है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्माने भिवाड़ी में प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही एल्सीना इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स, 34 एमएलडी सीवरेज शोधन संयंत्र तथा खैरथल-तिजारा जिले की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में निवेश को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 35 नई नीतियां लागू कर राज्य में अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार किया गया है, जो विकसित भारत-विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पवन और सौर ऊर्जा सहित अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के माध्यम से हरियाणा होते हुए दिल्ली से जोड़ने का कार्य जारी है। साथ ही यमुना जल समझौते के क्रियान्वयन पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।

उन्होंने भिवाड़ी में स्थापित सेमीकंडक्टर क्लस्टर को राजस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश में निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अलवर के निकट बांदीकुई क्षेत्र में एक बड़े औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की दिशा में भी काम कर रही है।

कार्यक्रम में केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग आज विश्व की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक गतिविधियों में शामिल है। उन्होंने बताया कि भारत में अब 12 सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चिप निर्माण किया जा रहा है। राजस्थान का इस उद्योग से जुड़ना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश में पिछले 12 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में छह गुना वृद्धि हुई है और यह उद्योग 13 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन अब भारत से निर्यात होने वाली सबसे बड़ी वस्तु बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्लस्टर में लगभग 1200 करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है, जिससे करीब 2500 लोगों को रोजगार मिलेगा और हर वर्ष 6 करोड़ चिप्स का निर्माण किया जाएगा।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रीभूपेंद्र यादवने कहा कि भिवाड़ी को देश के प्रमुख निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में भी भिवाड़ी को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, बिजली-पानी की उपलब्धता और रोजगार सृजन को लेकर भी सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर भर्तियां कर रही है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा तथा वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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