Thursday, 14 May 2026

नीट-2026 पेपर लीक मामले में जांच तेज: 4 आरोपी ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई के हवाले, कोचिंग कनेक्शन सहित कई पहलुओं की जांच


नीट-2026 पेपर लीक मामले में जांच तेज: 4 आरोपी ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई के हवाले, कोचिंग कनेक्शन सहित कई पहलुओं की जांच

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नीट-2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और विशेष अभियान समूह की जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले में हिरासत में लिए गए चार आरोपियों को बुधवार को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित न्यायिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के आवास पर पेश किया गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपियों का एक दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया, जिसके बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम आरोपियों को अपने साथ लेकर रवाना हो गई।

पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। आरोपियों ने मीडिया कैमरों से बचने के लिए अपने चेहरे ढंक रखे थे। जांच एजेंसियां अब इस पेपर लीक नेटवर्क के अंतरराज्यीय संबंधों, संभावित सरगनाओं और पूरे षड्यंत्र की गहराई तक पहुंचने में जुटी हुई हैं। मामले में डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन डेटा, कॉल विवरण अभिलेख और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों का फोकस अब कोचिंग संस्थानों से जुड़े संभावित नेटवर्क और उन लोगों पर भी है, जिन्होंने प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई हो सकती है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ, उसकी आपूर्ति श्रृंखला कैसे तैयार की गई और किन-किन राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ था।

इससे पहले बुधवार को विशेष अभियान समूह मुख्यालय में संदिग्ध आरोपियों से करीब 9 से 10 घंटे तक लंबी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के तरीकों, संपर्क सूत्रों, आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में विस्तार से सवाल किए गए। जांच एजेंसियां अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी हैं जो इस संगठित नेटवर्क का हिस्सा रहे हो सकते हैं।

जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। विशेष रूप से तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल संचार रिकॉर्ड से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। देशभर में लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर अब इस जांच पर टिकी हुई है, क्योंकि यह मामला देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।

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