



जयपुर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 187 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन आदेश जारी किए। कार्मिक (क-4) विभाग द्वारा जारी आदेश में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नए विभागों और जिलों में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में जिलों के एडीएम, एसडीएम, आयुक्त, सचिव, निदेशक और विभिन्न निगमों के वरिष्ठ पदों पर व्यापक बदलाव किए गए हैं।
तबादला सूची में कई महत्वपूर्ण विभागों में बदलाव देखने को मिला। गौ-पालन विभाग के निदेशक पंकज कुमार ओझा को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव बनाया गया है, जबकि गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार कश्मी कौर रान को गौ-पालन विभाग का नया निदेशक नियुक्त किया गया। जयपुर प्रथम की अतिरिक्त जिला कलेक्टर विनीता सिंह को राजस्थान बीज निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। वहीं राजस्थान रोडवेज में कार्यकारी निदेशक (यातायात) रहीं डॉ. ज्योति चौहान को चिकित्सा शिक्षा विभाग में संयुक्त शासन सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार ने रोडवेज, पर्यटन और शिक्षा विभाग में भी अहम बदलाव किए हैं। स्थानीय निकाय विभाग में उप निदेशक रहे विनोद कुमार पुरोहित को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में कार्यकारी निदेशक (ट्रैफिक) नियुक्त किया गया है। जयपुर जिला परिषद के अतिरिक्त सीईओ शेर सिंह लुहाड़िया को राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) का कार्यकारी निदेशक बनाया गया है। झुंझुनूं जिला परिषद के सीईओ कैलाश चंद यादव को कॉलेज शिक्षा विभाग में अतिरिक्त आयुक्त लगाया गया है।
जोधपुर आयुर्वेद विश्वविद्यालय और जोधपुर डिस्कॉम में भी प्रशासनिक अदला-बदली की गई है। अमानुल्लाह खान को जोधपुर डिस्कॉम सचिव पद से हटाकर आयुर्वेद विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार बनाया गया है, जबकि अखिलेश कुमार पीपल को विश्वविद्यालय से हटाकर जोधपुर डिस्कॉम का सचिव नियुक्त किया गया है।
तबादला सूची में बड़ी संख्या में जिलों के एसडीएम और एडीएम बदले गए हैं। तहसीलदार सेवा से RAS में पदोन्नत हुए अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें अनिल कुमार गोयल, स्वाति, सुमन राठौड़, शिक्षा पवन, सत्यवीर सिंह, रमेश चंद्र बडेरा और हेमेंद्र कुमार गोयल सहित कई अधिकारियों को विभिन्न जिलों में एसडीएम पद पर लगाया गया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को आगामी प्रशासनिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि कई जिलों और विभागों में सत्ताधारी विधायकों की सिफारिशों को भी महत्व दिया गया है। सरकार का दावा है कि यह बदलाव प्रशासनिक कार्यक्षमता और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से किए गए हैं।
