



जयपुर। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को ईमानदार और मेहनती छात्रों की जीत बताया है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा रद्द नहीं की जाती तो देश के मेडिकल सिस्टम में “फर्जी तरीके से चयनित डॉक्टरों” की एंट्री हो जाती, जो आम जनता की जान के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते थे।
डॉ. मीणा ने कहा कि सरकार ने कठिन लेकिन जरूरी फैसला लेते हुए परीक्षा रद्द की, ताकि योग्य और मेहनती विद्यार्थियों के साथ अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि “सिस्टम में कचरा भरने से रोकना जरूरी था, इसलिए यह निर्णय लिया गया।”
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया कि राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उनके अनुसार कथित लीक सामग्री के 320 सवालों में से 120 सवाल असली प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते पाए गए। जैसे ही यह तथ्य सामने आए, सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की और जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी।
डॉ. मीणा ने पेपर लीक माफिया को चेतावनी देते हुए कहा कि दोषी चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि “चाहे वह केरल में हो या सीकर में, पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा।”
उन्होंने छात्रों से किसी प्रकार के आंदोलन से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि सरकार स्वयं छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय युवाओं को सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन इस बार सरकार ने खुद सक्रियता दिखाते हुए 22 लाख छात्रों के भविष्य को बचाने का प्रयास किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस शासनकाल को “पेपर लीक का दौर” बताया। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 में से 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय उन्हें खुद FIR दर्ज कराने के लिए कई दिनों तक थाने में बैठना पड़ा था, लेकिन कार्रवाई की बजाय उन्हें ही हिरासत में ले लिया गया था।
डॉ. मीणा ने कहा कि मेहनती छात्रों का परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा और CBI जांच के माध्यम से उन लोगों तक पहुंचा जाएगा जो वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इतनी बड़ी परीक्षा में कथित धांधली का खुलासा राजस्थान की सजगता के कारण सामने आया और अब राज्य सरकार तथा जांच एजेंसियां सुनिश्चित करेंगी कि भविष्य में फर्जी तरीके से नियुक्तियां न हो सकें।