Tuesday, 12 May 2026

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले की जांच करेगी अब CBI


NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले की जांच करेगी अब CBI

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। एजेंसी ने यह निर्णय पेपर लीक के गंभीर आरोपों और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के बाद लिया। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी है।

NTA ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। इस वर्ष NEET UG परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। एजेंसी के अनुसार दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को पुनः रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और पहले से आवंटित परीक्षा केंद्रों में भी बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। परीक्षा शुल्क भी छात्रों को वापस किया जाएगा।

NTA ने जानकारी दी कि 8 मई 2026 को ही इस मामले से जुड़ी प्रारंभिक जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मामले की जांच में राजस्थान का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला कि कथित “गेस पेपर” परीक्षा से पहले छात्रों के बीच सर्कुलेट हुआ था और उसमें शामिल कई सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे। सूत्रों के अनुसार पेपर छपने से पहले ही प्रश्न कथित नकल गिरोह तक पहुंच गए थे।

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने सोमवार को देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया। जांच एजेंसी ने जयपुर से मनीष नामक एक व्यक्ति को पकड़ा है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार इस गिरोह ने असली प्रश्नों के साथ अन्य सवाल जोड़कर एक “क्वेश्चन बैंक” तैयार किया था, जिसे बाद में “गेस पेपर” के रूप में छात्रों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि नेटवर्क राजस्थान के अलावा कई अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है।

जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा के कुल 720 अंकों में से 600 अंकों के सवाल परीक्षा से दो दिन पहले ही सीकर में कुछ छात्रों तक पहुंच गए थे। कथित तौर पर यह सामग्री केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्र द्वारा 1 मई को सीकर स्थित अपने परिचित को भेजी गई थी।

छात्रों तक पहुंचाए गए क्वेश्चन बैंक में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक सवाल थे। इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू NEET UG 2026 परीक्षा में आए। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी गेस पेपर से कुछ सवाल मिल जाना सामान्य माना जा सकता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में सवालों का समान होना बेहद असामान्य है और अंदरूनी लीक की आशंका को मजबूत करता है।

SOG ने कई छात्रों से पूछताछ भी की है। प्रारंभिक जांच में कुछ छात्रों ने पैसे के लेनदेन की बात स्वीकार की है। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाल रही है।

गौरतलब है कि NEET परीक्षा 2013 में शुरू हुई थी और NTA ने इसे पहली बार 2019 में आयोजित कराया था। इससे पहले 2024 में भी पेपर लीक के आरोप सामने आए थे। उस समय कुछ केंद्रों पर परीक्षा दोबारा कराई गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था।

NTA का रिकॉर्ड भी लगातार विवादों में रहा है। पिछले वर्षों में गलत मार्किंग, फर्जी उम्मीदवार, तकनीकी गड़बड़ियां और रिजल्ट विवाद जैसे कई मामलों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

    Previous
    Next

    Related Posts