



जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने NEET पेपर लीक मामले और जल जीवन मिशन प्रकरण में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि राजस्थान से NEET का पेपर आउट होना सरकार के लिए शर्म की बात है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि OMR शीट से जुड़े मामले को सरकार ने दबाने का प्रयास किया, क्योंकि उसमें सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे थे। उन्होंने कहा कि खबरें हैं कि 30-40 लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है, लेकिन जिन लोगों ने वास्तव में परीक्षा में गड़बड़ी की, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान पेपर लीक के मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई और परीक्षाएं रद्द की गईं, लेकिन उस समय विपक्ष ने सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया। गहलोत ने कहा कि अब खुद जांच एजेंसियां मान रही हैं कि NEET का पेपर राजस्थान से आउट हुआ है।
जल जीवन मिशन मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि किसी व्यक्ति को सुबह पांच बजे उठाकर ले जाना उचित तरीका नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महेश जोशी भागने वाले थे। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने भ्रष्टाचार किया है तो निष्पक्ष जांच हो और दोषी को सजा मिले, लेकिन डराने और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करना गलत है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पर ऊपर से दबाव है और एजेंसी के अधिकारी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ACB के भीतर दो गुट बन चुके हैं और कई अधिकारी गलत गिरफ्तारियों से मानसिक रूप से परेशान हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि ACB के शीर्ष अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहते हैं, लेकिन नीचे के स्तर पर राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि कई अधिकारी निजी तौर पर स्वीकार कर रहे हैं कि गलत लोगों को गिरफ्तार किए जाने के कारण उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील पर भी पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार देशवासियों से ऐसे त्याग की अपेक्षा करती है तो उसे आर्थिक स्थिति पर पूरी स्पष्टता रखनी चाहिए। गहलोत ने आशंका जताई कि संभवतः सरकार भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है और उसके लिए माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी पहले ही संकेत दे चुके थे कि चुनावों के बाद ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।