


जैसलमेर। जैसलमेर में आयोजित दिशा समिति की बैठक के दौरान जल व्यवस्था और जल जीवन मिशन को लेकर गंभीर नाराजगी देखने को मिली। बैठक में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जिले की पेयजल व्यवस्था पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को चेतावनी दी।
बैठक के दौरान माहौल उस समय गंभीर हो गया जब केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिले का जल आपूर्ति तंत्र पूरी तरह “कोलैप्स” हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों की ओर देखते हुए कहा कि पानी की समस्याओं को देखकर उन्हें बेहद दुख हो रहा है।
इसके बाद उन्होंने ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों को सख्त शब्दों में चेतावनी दी कि जल योजनाओं में भ्रष्टाचार या जनता के पैसे की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि “अगर किसी ने पानी के पैसे में चोरी की, तो उसका अंजाम वैसा ही होगा जैसा गब्बर का हुआ था।”
राजनीतिक गलियारों में इस बयान को जल जीवन मिशन से जुड़े कथित घोटालों के संदर्भ में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी पर जल जीवन मिशन में करीब 900 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपों की जांच चल रही है। हाल ही में उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार भी किया गया था।
बैठक में गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट कहा कि कोई भी ठेकेदार कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, यदि उसने जनता के अधिकारों और पानी जैसी मूलभूत सुविधा के साथ खिलवाड़ किया है तो कार्रवाई तय है।
इस बीच महेश जोशी को अदालत ले जाते समय मीडिया से हुई बातचीत भी चर्चा में रही। उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।”
जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में जल संकट लंबे समय से बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई गांवों में आज भी नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके कारण लोग पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
जल जीवन मिशन को लेकर बढ़ते राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के बीच अब निगाहें जांच एजेंसियों और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।