



जयपुर। कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित ‘युवा उदय सम्मेलन’ में युवाओं, छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षा, लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर अपनी मजबूत आवाज उठाई। सम्मेलन का आयोजन विनोद जाखड़ के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विनोद जाखड़ ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव बंद होने के कारण विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल राजनीति का माध्यम नहीं बल्कि युवाओं के नेतृत्व विकास और लोकतांत्रिक समझ का महत्वपूर्ण मंच हैं।
उन्होंने NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
विनोद जाखड़ ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को शिक्षा और व्यक्तित्व विकास का केंद्र होना चाहिए, लेकिन उन्हें राजनीति और दबाव की जगह बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर लगातार हमले हो रहे हैं और ऐसे समय में युवाओं को अपने अधिकारों के लिए जागरूक और संगठित रहने की जरूरत है।
सम्मेलन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र नेता देव पलसानियां ने एनएसयूआई की विचारधारा से प्रभावित होकर संगठन की सदस्यता ग्रहण की। इसे संगठन ने युवाओं के बढ़ते विश्वास और विस्तार का संकेत बताया। कार्यक्रम में मनीष यादव सहित NSUI के कई पदाधिकारी, छात्र नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सम्मेलन के अंत में उपस्थित युवाओं और कार्यकर्ताओं ने संविधान विरोधी तथा छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।